कांठ। चिटफंड कंपनी खोलकर उसमें रकम को दोगुना करने का झांसा देकर ग्रामीण से 93.50 लाख रुपये हड़पने का मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित ने रुपये वापस मांगने पर आरोपियों द्वारा उसे बंधक बनाकर रखने, तमंचे से डराने और जान से मारने के प्रयास का आरोप भी लगाया है। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर ग्रामीण के फुफेरे भाई सहित तीन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
छजलैट थाने के गांव संजरपुर निवासी अजब सिंह ने कोर्ट में दिए प्रार्थनापत्र में कहा है कि वह वर्ष 2007 में अपने बेटे को एमबीबीएस करने के लिए रुपये की व्यवस्था कर रहा था। प्रार्थना-पत्र में कहा गया है कि इसकी जानकारी निकटवर्ती जनपद अमरोहा के गांव चक घी का नंगला निवासी उसके फुफेरे भाई राजवीर यादव को थी। आरोप है कि राजवीर और उसके भाई राकेश यादव तथा राजवीर के बेटे अभिषेक यादव ने उसे छह साल में रकम दोगुना कराने का झांसा देकर वर्ष 2007 से 2012 तक पीएसीएल नामक चिटफंड कंपनी में उससे 93.50 लाख रुपये जमा करा लिए। आरोपी कंपनी में अधिकृत एजेंट के रूप में काम करते थे। आरोप है कि समय पूरा होने पर जब उसने अपनी रकम मांगी तो यह टालते रहे। इसके अलावा इन्होंने एक दूसरी कंपनी बनाकर और लोगों से भी लाखों की रकम हड़प ली। अजब सिंह का आरोप है कि आरोपियों ने तीन जनवरी 2026 को रकम लौटाने के बहाने उसे अपने घर बुलाया और तमंचे के बल पर बंधक बना लिया। बाद में उसे गाड़ी में डालकर ले गए और जान से मारने के इरादे से ट्रक के सामने धक्का दिया, लेकिन वह जैस-तैसे बच गया। इस मामले में अब कोर्ट के आदेश पर छजलैट पुलिस ने राजवीर, राकेश और अभिषेक के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।