देशव्यापी हड़ताल के दूसरे दिन बुधवार को भी बैंकों में तालाबंदी रही। जिसकी वजह से दिनभर कोई कार्य नहीं हो सका। दो दिन की हड़ताल की वजह से करीब साढ़े पांच सौ करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि मांग नहीं मानी गई तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
दस ट्रेड यूनियनों द्वारा बुलाई गई हड़ताल के दोनों दिन बैंकिंग यूनियनों ने अपना समर्थन दिया। आल इंडिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन और बैंक एम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के कर्मचारियों ने बुधवार को रणनीतिबद्ध तरीके से हड़ताल की। इलाहाबाद बैंक स्टाफ यूनियन के मनोज शर्मा ने बताया कि मंगलवार को देरी हो जाने की वजह से ज्यादातर बैंक कर्मी इधर-उधर हो गए थे। बुधवार सुबह सवा नौ बजे से ही कर्मचारी बैंकों में पहुंच गए और ताले नहीं खुलने दिए। जिसकी वजह से अधिकारी भी बैंक के अंदर नहीं जा सके थे। दिनभर चेक भी क्लियर नहीं हो सकें हैं, जिसके कारण करीब साढ़े तीन सौ करोड़ का नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि सुबह से ही सभी बैंकों में दो-दो कर्मचारियों की टीम भेज दी गई थी। बैंकों पर चैन और ताले लटके रहे। दोपहर एक बजे तक सभी कर्मचारी परिसर में रहे। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इसके बाद सवा दो बजे के करीब अंबेडकर पार्क पर एकत्र हुए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार बातों को नहीं मानती है और यही रवैया अख्तियार करती है तो आने वाले दो-तीन महीने के अंदर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इस दौरान आसू चौधरी, तपेश कुमार, देवेंद्र कुमार, अनूप कुमार, एसपी सिंह, नवनीत कुमार, राजू सिंह, दुर्गा प्रसाद, एनबी सिंह आदि मौजूद रहे।
प्रदर्शन में शामिल होने वाले बैंक
इलाहाबाद बैंक, ओरियंटल बैंक ऑफ कामर्स, पंजाब नेशनल बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, देना बैंक, यूको बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, सिंडिकेट बैंक, कार्पोरेशन बैंक, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया आदि शामिल रहे।