अप्रैल माह में शुरुआत से हो रही तापमान में बढ़ोतरी थम गई। मौसम का मिजाज बदलने की वजह से रविवार को 9.8 मिलीमीटर बारिश हुई। सोमवार सुबह से ही बादल छाए हैं। रविवार सुबह धूप निकली थी लेकिन कुछ समय बाद ही बादल छाने लगे। दस बजे तक घने बादल होने से अंधेरा जैसा वातावरण बन गया और फिर झमाझम बारिश हुई।
कृषि विज्ञान केंद्र ठाकुरद्वारा के वैज्ञानिक डॉ. रविंद्र कुमार ने बताया कि बारिश के साथ जिले में कहीं भी ओले पड़ने की खबर नहीं है। उन्होंने बताया कि गेहूं की फसल जिले में पक कर तैयार है। तमाम किसानों ने गेहूं की कटाई कर गहाई के लिए खेत में रखा हुआ है।
रविवार आंधी आई और फिर बारिश हुई। इसके कारण गेहूं की पक कर खड़ी फसल को करीब 10 फीसदी नुकसान पहुंचा है। जिन किसानों ने गेहूं की कटाई कर उसे गहाई के लिए खेत में रखी है उसे सुखाने में कुछ समय और लगेगा। गन्ने की फसल को इस बारिश से लाभ पहुंचा है।
उसकी हल्की सिंचाई की आवश्यकता पूरी हो गई है। इसके अलावा मसूर की फसल को भी थोड़ा नुकसान पहुंचने की संभावना है।
रविवार को आंधी और बारिश से शहर के गांगन से आगे दिल्ली रोड पर लगे कई होर्डिंग्स क्षतिग्रस्त हो गए। इसके अलावा महाराणा प्रताप चौक पर बारिश से पहले आई तेज आंधी के कारण हाईमास्ट लाइट गिर गई। इसी तरह पार्कर इंटर कॉलेज रोड पर बना स्मृति द्वार भी गिर गया।