यूपी बोर्ड की परीक्षाओं की निगरानी के लिए 73 वित्तविहीन परीक्षा केंद्रों पर केंद्र व्यवस्थापक बदले गए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. अरुण कुमार दुबे ने बताया कि सभी केंद्र व्यवस्थापकों ने सोमवार को ड्यूटी ज्वाइन कर ली है।
पिछले दिनों बलिया में इंटरमीडिएट का प्रश्नपत्र लीक हो गया था। इसके बाद निगरानी की व्यवस्थाओं में बदलाव किया गया है। रात में भी परीक्षा केंद्रों की निगरानी के अलावा वित्तविहीन परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। डॉ. अरुण कुमार दुबे ने बताया कि पहले जारी किए गए शासनादेश के अनुरूप वित्तविहीन स्कूलों के प्रधानाचार्यों को केंद्र व्यवस्थापक बनाया गया था और राजकीय व अशासकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्य व शिक्षकों को अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक बनाया गया था। शनिवार को जारी हुए बोर्ड के शासनादेश के अनुसार पहले से अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक के रूप में ड्यूटी कर रहे शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को अब केंद्र व्यवस्थापक बना दिया गया है, जबकि केंद्र व्यवस्थापकों को अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक बनाया गया है।
उन्होंने इसका कारण बताया कि बोर्ड का मानना है कि वित्तविहीन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को अनुभव बहुत ज्यादा नहीं होता है, ऐसे में गलतियां होने की आशंका रहती है, जबकि अशासकीय और राजकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्य व शिक्षक राज्य सरकार के कर्मचारी होते हैं और वित्तविहीन की अपेक्षा उन्हें अनुभव अधिक होता है और गलतियां करने की आशंका भी कम होती है। उन्होंने बताया कि सभी केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट और सेक्टर मजिस्ट्रेट भी नियमित ड्यूटी पर जा रहे हैं।