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पसंद के चैनल देखने हैं तो जेब हलकी करने को तैयार रहें

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मुरादाबाद।
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जो चैनल पसंद हों, पैसे उन्हीं के चुकाने होंगे, सुनने में तो अच्छा लगता है मगर इसकी जमीनी हकीकत कुछ और ही है। अब आपको मुफ्त कुछ भी नहीं दिखेगा। फ्री टु एयर और दूरदर्शन के चैनल आपको केबल या डीटीएच आपरेटरों के बेसिक पैक के साथ मिलेंगे इसके लिए आपको निश्चित शुल्क चुकाने होंगे। इसके अतिरिक्त आप जो भी देखेंगे उसके लिए जेब ढीली करनी होगी।
टेली काम रेगुलेटरी अथारिटी (ट्राई) पहली फरवरी से पसंद के चैनल चुनने की आजादी तो होगी लेकिन मौजूदा समय में ढेर सारे चैनल देखने के आदी बन चुके लोगों को अगर सभी चैनल देखने हैं तो जेब हलकी करनी होगी। लगभग सभी डीटीएच आपरेटरों ने अपने बेस पैक बनाए हैं। रोचक बात यह है कि इस बेस पैक में मनोरंजन से जुड़े एक भी बड़े समूह के चैनल शामिल नहीं हैं। उदाहरण के लिए जी टीवी, सोनी, स्टार, एंड टीवी, कलर, सब टीवी जैसे चैनल समूह के लिए आपको सभी के दाम चुकाने होंगे। डिस टीवी के एग्जीक्यूटिव ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि बेस पैक सभी के लिए अनिवार्य है। इसके पैसे चुकाने के बाद ही आप मनपसंद के चैनल चुन सकते हैं।
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मुरादाबाद में डेन केबल के मास्टर कंट्रोल आपरेटर के मैनेजिंग डायरेक्टर फिरासत खां का कहना था कि पहले हम डेन के जरिए ढाई सौ रुपये में एसडी और एचडी को मिलाकर लगभग 1500 चैनल दिखाते थे। अब ट्राई के निर्देशों के बाद मुमकिन नहीं होगा। अब इतने चैनल देखने के लिए एक हजार रुपये से ज्यादा चुकाने होंगे।
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केबल टीवी अब प्री पेड होगा, बकाया नहीं चलेगा
मुरादाबाद। कनेक्शन लेकर पूरे महीने टीवी देखने के बाद बिल चुकाने की व्यवस्था भी अब खत्म हो जाएगी। पहले की तरह महीने-दो महीने का बकाया भी अब नहीं चलेगा। मुरादाबाद में डेन केबल संचालकों के अनुसार अब केबल टीवी देखने के लिए डीटीएच की तरह ही पहले अपना टीवी रिचार्ज कराना होगा। अब कोई चैनल मुफ्त नहीं दिखेगा। केबल संचालक अब ज्यादा कनेक्शनों को कागजों पर कम दिखाने जैसा फर्जीवाड़ा भी नहीं कर सकेंगे। नई व्यवस्था से कम से कम पारदर्शिता आएगी। हर उपभोक्ता का रिकार्ड होगा। जाहिर है कि अब हर कनेक्शन पर केबल आपरेटर को सरकार को टैक्स चुकाना होगा। केबल आपरेटरों की माने तो टीटीएच के मौजूदा दौर में केबल आपरेटरों का टिकना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाएगा।
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