पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थि कलश यात्रा भी जिले में भाजपा की गुटबाजी को खत्म नहीं कर सकी है। अस्थि कलश यात्रा का नेतृत्व प्रदेश के लोक निर्माण व पंचायती राज राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) चौधरी भूपेंद्र सिंह कर रहे हैं। सांसद सर्वेश और उनके नजदीकी माने जाने वाले कांठ विधायक राजेश चुन्नू का कहना है कि उन्हें इतने बड़े कार्यक्रम की कोई सूचना नहीं दी गई है। बहरहाल मीडिया में आई खबरों के आधार पर वह तैयारियों में जुटे हैं। जिन जिलों में अस्थि कलश यात्रा गुजरेगी उनके सांसदों ने भी सूचना मिलने से इंकार किया है।
पूर्व प्रधानमंत्री का अस्थि कलश लेकर मंत्री भूपेंद्र सिंह शुक्रवार को लखनऊ से मुरादाबाद के लिए रवाना हाेंगे। सीतापुर, शाहजहांपुर, बरेली, शाहबाद, रामपुर, सैफनी, बिलारी होते हुए शुक्रवार की रात को अटल जी का अस्थि कलश चंदौसी पहुंचेगा। चंदौसी में रात्रि विश्राम के बाद 25 अगस्त को संभल होते हुए मुरादाबाद पहुंचेगा। यहां गुलाबबाड़ी में राममंदिर के पास बने पक्का घाट पर अस्थि विसर्जन होगा। सांसद कुंवर सर्वेश सिंह का कहना है कि उन्हें कार्यक्रम की कोई सूचना नहीं मिली है। अस्थि कलश यात्रा का नेतृत्व करने वालों को उन सभी जिलों के सांसदों और विधायकों को इसकी सूचना देनी चाहिए थी जहां से यात्रा गुजरेगी। मंत्री भूपेंद्र सिंह और सांसद सर्वेश सिंह लंबे समय से कोई भी मंच साझा करने से कतराते रहे हैं। सांसद के करीबी समझे जाने वाले कांठ विधायक राजेश चुन्नू का भी यही कहना है कि उन्हें इतने बड़े आयोजन के बारे में किसी ने कोई जानकारी नहीं दी। पार्टी की ओर से 23 अगस्त को लखनऊ में हो रहे अस्थि विसर्जन की सूचना तो मिली लेकिन यहां यात्रा का नेतृत्व करने वालों ने जिले के कार्यक्रम की कोई जानकारी नहीं दी।
नालों की गंदगी में न करें विसर्जन: व्यास
मुरादाबाद।
करीब तीन दशकों तक विहिप से जुड़े रहे अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के क्षेत्र मंत्री मनोज व्यास ने गुलाबबाड़ी के पास रामगंगा में अटल जी की अस्थियों के विसर्जन पर आपत्ति उठाई है। उनका कहना है कि जिस स्थान को अस्थि विसर्जन के लिए चुना गया है वहां रामगंगा में तमाम नाले आकर गिर रहे हैं। पूरे शहर की गंदगी यहां रामगंगा में आकर मिलती है। मनोज व्यास का कहना है कि पूरा देश अटल जी का सम्मान करता है। ऐसे में गंदगी वाले स्थान पर अस्थि विसर्जन के कार्यक्रम से वह व्यक्तिगत रूप से आहत हैं।