लोकसभा चुनाव 2019 सिर पर है। मुरादाबाद जिले में समाजवादी पार्टी के अधिकांश प्रकोष्ठों का अभी तक गठन नहीं हो सका है। प्रकोष्ठों का पैनल जिले से अनुमोदित होकर पार्टी हाईकमान में लटक गया है। हाईकमान की सुस्ती से कार्यकर्ताओं में मायूसी है। इसका असर संगठन के कार्यक्रमों में झलकने लगा है।
मुरादाबाद जिला सपा का मजबूत गढ़ है। प्रदेश में सरकार भले ही भाजपा की हो, लेकिन जिले में मौजूदा तीन विधायक सपा से हैं। सपा के गढ़ में सेंधमारी के लिए भाजपा ने 2019 की तैयारियां शुरू कर दी हैं। सपा आगामी चुनाव की तैयारियों के लिए मजबूती से शुरुआत नहीं कर पा रही है। सपा का कुनबा बिखरा पड़ा है। सपा के 14 प्रकोष्ठ हैं। अधिकांश प्रकोष्ठ पिछले आठ माह से भंग हैं। जिलाध्यक्ष राजीव सिंहल ने पार्टी विधायकों एवं वरिष्ठ पदाधिकारियों की रायशुमारी से प्रकोष्ठों के अध्यक्षों के लिए नाम पार्टी हाईकमान भेजे हैं। पार्टी हाईकमान की सुस्ती से प्रकोष्ठ अध्यक्षों की घोषणा लटकी है। इससे कार्यकर्ताओं में मायूसी है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रकोष्ठ भंग होने से पार्टी कार्यक्रमों में कार्यकर्ताओं को एकजुट करना चुनौती होती है। लिहाजा, कार्यक्रमों में जिला एवं महानगर मुख्य कार्यकारिणी को छोड़कर बाकी कार्यकर्ता शामिल नहीं हो पाते हैं।
- प्रकोष्ठों के अध्यक्षों की जल्द घोषणा हो जाएगी। जिले से प्रकोष्ठों के पैनल पार्टी हाईकमान को भेजे हैं। - राजीव सिंहल, जिलाध्यक्ष सपा
1800 बूथ कमेटी बनी
आगामी चुनाव के मद्देनजर जिले में 2400 बूथ कमेटियां बननी हैं। बिलारी, ठाकुरद्वारा, कांठ, मुरादाबाद देहात और शहर में 1600 बूथ कमेटियां बन चुकी हैं। बाकी कमेटियां इस महीने आखिर तक बनाई जानी हैं।
कार्यकारिणी का विस्तार भी फंसा
जिलाध्यक्ष राजीव सिंहल ने पिछले महीने कई प्रकोष्ठ के जिला एवं महानगर अध्यक्षों की घोषणा की। अध्यक्षों ने अभी तक अपनी कार्यकारिणी का विस्तार भी नहीं किया है।
बिखरी है युवा शक्ति
सपा युवजन सभा, मुलायम यूथ ब्रिगेड, समाजवादी लोहिया वाहिनी और समाजवादी छात्र सभा की कार्यकारिणी भी नहीं बनी हैं। किसी भी चुनाव में इन संगठनों के युवाओं का सबसे अहम रोल होता है। कार्यकारिणी घोषित नहीं होने से युवा शक्ति बिखरी है।