फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संभल क्राइम ब्रांच को सौंपी विधायक के बेटे के खिलाफ दर्ज केस की जांच

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

मुरादाबाद।
सपा विधायक हाजी रिजवान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। एंटी भू माफिया टास्क फोर्स विधायक और उनके बेटे कल्लन का नाम भू माफिया लिस्ट में शामिल कर चुकी है। अब विधायक के बेटे कल्लन के खिलाफ दर्ज शराब तस्करी का केस रीओपन हो गया है। पुलिस ने पहले इस केस में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। डीआईजी ने केस की अग्रिम विवेचना के आदेश के साथ ही विवेचना संभल जिले को ट्रांसफर कर दी है। संभल की क्राइम ब्रांच अब विधायक के बेटे के खिलाफ दर्ज मुकदमे की तफ्तीश करेगी।
विधानसभा चुनाव के दौरान 14 फरवरी को कुंदरकी एसओ ने विधायक रिजवान के डोमघर स्थित पेट्रोल पंप पर छापा मारा था। छापे के दौरान विधायक के पेट्रोल पंप पर शराब से लदी एक होंडा सिटी कार मिली थी। कार से कारतूस भी मिले थे। कुंदरकी के तत्कालीन एसओ ने कार को कब्जे में लेकर विधायक रिजवान के बेटे कल्लन के खिलाफ शराब तस्करी का मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस का कहना था कि यह शराब विधानसभा चुनावों में वोटरों को बांटने के लिए लाई गई थी। बाद में पुलिस तफ्तीश में पता चला था कि सपा विधायक के पेट्रोल पंप से पकड़ी गई होंडा सिटी कार चोरी की थी और उसे दिल्ली से चोरी किया गया था। जिसके बाद पुलिस ने विधायक के बेटे के खिलाफ कार चोरी की धाराएं भी बढ़ा ली थीं।
विज्ञापन

लेकिन विधानसभा चुनाव के बाद केस की विवेचना बिलारी को ट्रांसफर कर दी गई और बिलारी पुलिस ने विधायक के बेटे को क्लीन चिट देते हुए केस में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। एफआर कोर्ट में भी दाखिल कर दी गई। अमूमन जिन मुकदमों में पुलिस वादी होती है उनमें एफआर नहीं लगती लेकिन विधायक के रसूख के चलते इस केस को बंद कर दिया। हालांकि विधायक के बेटे पर दर्ज मुकदमा एफआर करने की सूचना पर डीआईजी ओंकार सिंह ने इसकी अग्रिम का आदेश दिया है। डीआईजी के आदेश पर पुलिस ने कोर्ट में अर्जी डालकर केस की फाइल वापस ले ली है। डीआईजी के आदेश पर केस की विवेचना संभल जिले को भेज दी गई है। संभल की क्राइम ब्रांच नए सिरे से मामले की छानबीन में जुट गई है।




विधायक और बेटे की ‘कुंडली’ बना रही कुंदरकी पुलिस
मुरादाबाद।
एंटी भू माफिया टास्क फोर्स द्वारा भू माफिया लिस्ट में चिन्हित किए जाने के बाद कुंदरकी पुलिस ने कुंदरकी के सपा विधायक हाजी रिजवान और उनके बेटे कल्लन का रिकार्ड खंगाला शुरू कर दिया है। पुलिस जमीन से जुड़े उन सभी मामलों का डोजियर तैयार कर रही है जिनमें विधायक या उनके बेटे की कहीं भी प्रत्यक्ष या परोक्ष भूमिका रही है।
कुंदरकी पुलिस ने भू माफियाओं की लिस्ट मिलने के बाद इसमें शामिल विधायक रिजवान और उनके बेटे कल्लन का आपराधिक रिकार्ड खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस ने सपा सरकार के दौरान सामने आए जमीनों विवादों की भी लिस्ट बनानी शुरू कर दी है। खंगाला जा रहा है कि जमीनों के किस - किस विवाद में विधायक और उनके बेटे की भूमिका थी। पुलिस ने भू माफिया लिस्ट में शामिल लोगों के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई शुरू कर दी है। भू माफिया यूसुफ मलिक के खिलाफ सिविल लाइंस पुलिस गुंडा एक्ट का मुकदमा दर्ज कर चुकी है। लेकिन विधायक रिजवान और पूर्व विधायक यूसुफ अंसारी समेत लिस्ट में शामिल अहम कुछ लोगों पर अभी मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। पुलिस की कोशिश है कि पुख्ता रिकार्ड जुटाने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाए।

टास्क फोर्स द्वारा चिन्हित किए गए भू माफियाओं की जो लिस्ट थाने आई है उसमें सपा विधायक हाजी रिजवान का भी नाम है। विधायक का पूरा डोजियर तैयार किया जा रहा है। जमीनों के मामलों में उनकी भूमिका और मुकदमों का पूरा ब्यौरा तैयार करने के बाद मामला उच्चाधिकारियों की जानकारी में लाया जाएगा। इसके बाद प्रकरण में आगे की कार्रवाई की जाएगी।- राधेश्याम, एसओ कुंदरकी।
विज्ञापन




सरकार पर सौ करोड़ का दावा करूंगा: रिजवान
मुरादाबाद।
सपा विधायक हाजी रिजवान का कहना है कि वह भू माफिया चिन्हित किए जाने के खिलाफ कोर्ट जाएंगे। उन्हाेंने कहा कि ये सत्ता का खुला दुरुपयोग है, इसे वह बर्दाश्त नहीं करेंगे। विधायक का कहना है कि वह इस मामले को हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे। बोेले, अफसर ये बताएं कि भू माफिया शब्द आईपीसी में कहां है। जब कानून में इस शब्द का कोई वजूद नहीं है तो अफसर किस आधार पर उन्हें भू माफिया बताकर उनकी छवि को बर्बाद कर रहे हैं। बोेले, उन्हें किस आधार पर भू माफिया चिन्हित किया गया है यह बात अफसरों को कोर्ट में साबित करनी होगी। विधायक का कहना है कि सत्ता के दबाव में कुछ सियासी लोगों के कहने पर उन्हें सियासी नुकसान पहुंचाने के लिए साजिश हो रही है, जिसमें अफसर कठपुतली का रोल निभा रहे हैं। बोेले, सदन से लेकर शासन और फिर कोर्ट तक के दरवाजे खुले हैं, हर जगह इस साजिश के खिलाफ जंग होगी। बेटे के खिलाफ दर्ज शराब तस्करी का केस रीओपन होने के मामले में विधायक का कहना है कि सरकार सीबीआई से जांच करा ले उनका बेटा निर्दोष है। विधायक ने तर्क दिया कि इस केस में पुलिस ही वादी थी, पुलिस ही गवाह और पुलिस ने ही विवेचना की। तफ्तीश में केस झूठा निकला तो उसे पुलिस ने एफआर कर दिया। अब सियासी दबाव में फिर से केस को रीओपन किया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें