मुरादाबाद। कोरोना संक्रमण की राहत में बृहस्पतिवार को झटका लगा है। 61 दिन बाद मुरादाबाद में एक महिला डॉक्टर और एक युवक कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। दोनों ने निजी लैब में जांच कराई थी। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि टीम को दोनों मरीजों के घर भेजा गया है, ताकि दवा देने के अलावा उनके परिजनों के सैंपल लिए जा सकें।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सिविल लाइंस निवासी 23 वर्षीय युवक 22 दिसंबर को दिल्ली से आया था। दिल्ली में उसका एक परिचित कोरोना पॉजिटिव था। वहां जांच कराने पर रिपोर्ट निगेटिव रही, लेकिन युवक ने मुरादाबाद में निजी लैब में दोबारा आरटीपीसीआर जांच करवाई, तो बृहस्पतिवार को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। युवक का परिवार दिल्ली में ही रहता है, जबकि सिविल लाइंस में उसकी दादी रहती हैं। युवक बृहस्पतिवार को ही दिल्ली लौट गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने युवक की दादी का सैंपल लिया है।
वहीं, 35 वर्षीय महिला चिकित्सक सुपरटेक में रहती है। वह मूलरूप से उत्तराखंड की रहने वाली है। यहां के निजी विश्वविद्यालय में नौकरी कर रही है। महिला उत्तराखंड अपने परिवार के पास जाना चाहती थी, लेकिन उसे सर्दी-जुकाम की समस्या थी। इस वजह से उसने निजी लैब में अपनी जांच करवाई और रिपोर्ट पॉजीटिव रही है।
23 अक्तूबर को मिला था आखिरी कोरोना मरीज
मुरादाबाद जनपद में अब तक 39102 कोरोना मरीज मिले हैं। इसमें से 30748 संक्रमित स्वस्थ हो गए, जबकि 349 मरीजों की मौत हो गई है। अब तक 16,08,399 सैंपल लिए गए। मार्च 2020 से मार्च 2021 तक जिले में करीब 12,086 लोग संक्रमित पाए गए थे, जबकि अकेले अप्रैल 2021 में 16,101 पॉजिटिव केस मिले। मुरादाबाद में कोरोना का आखिरी मरीज 23 अक्तूबर को मिला है।
दोनों मरीजों को होम आइसोलेट रहने के निर्देश दिए गए हैं। दोनों में कोरोना की पुष्टि हुई है, लेकिन वेरिएंट की जानकारी के लिए दोनों के सैंपल दिल्ली भेजे जा रहे हैं।
डॉ. प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, जिला सर्विलांस अधिकारी