मुरादाबाद। उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि उत्तर रेलवे के 500 रेल इंजनों में कवच डिवाइस लगाई जा चुकी है। अब काफी हिस्से में ट्रैक पर काम होना बाकी है। जोन में सबसे पहले दिल्ली-पलवल रेलखंड कवच प्रणाली के साथ ट्रेनें दौड़ाने के लिए तैयार है। इसके बाद गाजियाबाद-मुरादाबाद-लखनऊ खंड में काम होगा।
मुरादाबाद रेल मंडल में कवच और ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग का काम 1500 करोड़ रुपये से होना है। ब्लॉक सिग्नलिंग पिलखुआ-डासना रेलखंड में पूरी हो चुकी है। डाउन लाइन पर रोजा व आसपास के स्टेशनों पर यह कार्य किया गया है। महाप्रबंधक का कहना है कि अब कवच के तहत ट्रैक पर काम करने की तैयारी है।
सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता ने बताया कि अप्रैल 2026 से यह कार्य शुरू हो जाएगा। इसके लिए सर्वे लगभग पूरा हो चुका है। इंजनों में लगाई गई रेडियो फ्रीक्वेंसी डिवाइस को ट्रैक पर लगने वाली डिवाइस के साथ जोड़ दिया जाएगा।
इससे एक ही लाइन पर दो ट्रेनें होने की स्थिति में कुछ किमी की दूरी पर खुद ब्रेक लग जाएंगे और टक्कर नहीं होगी। वर्तमान में रेल मंडल में ट्रेनें बिना कवच प्रणाली के दौड़ रही हैं।