मुरादाबाद। शहर से भाजपा विधायक रितेश गुप्ता के लेटर बम से सुर्खियों में आए एसीएमओ डॉ. डीके प्रेमी की पहचान डीटीओ (जिला क्षयरोग अधिकारी) के रूप में थी। एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम के तबादले के बाद डॉ. प्रेमी की झोली विभागों के चार्ज से भरती गई। डॉ. डीके प्रेमी के पास भारी भरकम आठ विभागों का चार्ज पहुंच गया, जबकि चार अफसरों के पास सिर्फ नौ ही विभागों का चार्ज है। फिलहाल सेहत महकमे में विधायक के लेटर बम की खूब चर्चा है।
विधायक रितेश गुप्ता ने एसीएमओ डॉ. डीके प्रेमी के खिलाफ लेटर बम फोड़ कर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा दिया है। विधायक ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और प्रमुख सचिव को पत्र भेजकर शिकायत की है। साथ ही अल्ट्रासाउंड सेंटर, अप्रशिक्षित चिकित्सकों से अवैध वसूली कर संरक्षण देने का भी आरोप लगाया है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक डॉ. डीके प्रेमी वर्ष 2006 से जिले में जमे हैं, उस समय मूंढापांडे सीएचसी के प्रभारी थे। इसके बाद उन्हें जिला क्षयरोग प्रभारी बने। लेकिन वर्ष 2018 में आठ प्रमुख विभागों का चार्ज उनके हाथ में आ गया। एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम के तबादले के बाद एक-एक कर वह भारी भरकम आठ विभागों और प्रोग्राम के नोडल बन गए। डॉ. प्रेमी के अलावा स्वास्थ्य विभाग में चार और प्रशासनिक अधिकारी हैं। इसमें तीन एसीएमओ और एक डिप्टी सीएमओ शामिल हैं। इन चारों अधिकारियों के पास सिर्फ नौ विभाग हैं। ऐसे में अधिक विभागों का चार्ज होने पर डॉ. डीके प्रेमी पर सवाल उठ रहे हैं। वह अपनी कार्य प्रणाली से भी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच चर्चा में बने रहते हैं, लेकिन इस बार विधायक के लेटर बम ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया है।
किस के पास कौनसा विभाग
- एसीएमओ डॉ. डीके प्रेमी : क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम, राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन, झोलाछाप, रजिस्ट्रेशन, पीसीपीएनडीटी, आईडीएसपी, राष्ट्रीय आयुष्मान भारत, रेडक्रास सोसाइटी
- एसीएमओ डॉ. दीपक वर्मा : एनएचएम, टीकाकरण
- एसीएमओ डॉ. जीएस मर्तोलिया : स्टोर, फैमिली प्लानिंग, एनसीडी सेल
- एसीएमओ डॉ. ब्रह्म सिंह : कुष्ट रोग, आंध्रता निवारण
- डिप्टी सीएमओ डॉ. संजीव बेलवाल : मलेरिया, कोविड एल टू अस्पताल