फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Moradabad News: मंडल में चकबंदी के 3657 वाद लंबित...मिल रही तारीख पर तारीख

विज्ञापन
विज्ञापन
मुरादाबाद। चकबंदी से जुड़े वादों में सुनवाई की रफ्तार बेहद धीमी है। मंडल में करीब 3500 से ज्यादा मामले एसओसी के कोर्ट में लंबित चल रहे हैं। मुरादाबाद में सबसे अधिक 1416 मामले शामिल हैं। अधिकांश मामले एक साल से अधिक पुराने हैं। जिनमें तारीख पर तारीख दी जा रही है।
विज्ञापन

मुरादाबाद जिले में 47 गांवों में चकबंदी की प्रक्रिया चल रही है। स्थिति यह है कि कांठ तहसील क्षेत्र के गांव राजूपुर खद्दर में 42 साल बाद भी चकबंदी पूरी नहीं को सकी है। हाईकोर्ट के स्थगन आदेश की वजह से अभी तक मामला सुलझ नहीं पाया है। जिले में तीन गांवों की चकबंदी पर तो कोर्ट से रोक है। मुरादाबाद के 47 गांवों में चकबंदी प्रक्रिया चल रही है। इसमें राजूपुर खद्दर की चकबंदी को लेकर दोनों पक्ष हाईकोर्ट में अपना अपना पक्ष रख चुके हैं। इसके अलावा गांव चंदनपुर ईशापुर में 2016 और रोशनपुर गांव में 2014 से कोर्ट का स्थगनादेश है। गांव के अन्य लोग स्थगनादेश की वजह से चकबंदी नहीं होने के कारण परेशान हैं।

मंडल में मुरादाबाद जिले में चकबंदी से जुड़े लंबित मामले सबसे अधिक हैं। यहां करीब 1416 वाद लंबित चल रहे हैं। जबकि मंडल चकबंदी के लंबित मामलों की संख्या 3657 है। वहीं संभल में एक हजार से ज्यादा मामले लंबित हैं। ऐसे ही रामपुर में 641 और अमरोहा में 600 मामले लंबित चल रहे हैं।
विज्ञापन


00

किस जिले में चकबंदी के कितने मामले लंबित

जिला


लंबित मामले

मुरादाबाद

1416

संभल


1000

अमरोहा

600

रामपुर

641

नोट : यह आंकड़े दिसंबर तक हैं।

00

डीडीसी कोर्ट में 269 मामले लंबित

मुरादाबाद। जिले में डीडीसी के दो कोर्ट हैं। दिसंबर माह की रिपोर्ट के मुताबिक डीडीसी एक कोर्ट में कोई लंबित मामला नहीं है। जबकि दूसरी कोर्ट में 269 मामले लंबित चल रहे हैं।

00

मुरादाबाद में किस कोर्ट में कितने मामले लंबित

कोर्ट




लंबित केस

चकबंदी बंदोबस्त अधिकारी

173

चकबंदी अधिकारी प्रथम

235

चकबंदी अधिकारी द्वितीय

253

चकबंदी अधिकारी तृतीय

230

चकबंदी अधिकारी चुतुर्थ

256



00

रसूलपुर नगली में 21 साल में पूरी नहीं हुई चकबंदी

मुरादाबाद। सदर तहसील के गांव रसूलपुर नगली और देवापुर में 2004 से चकबंदी हो रही है लेकिन अभी पूरी नहीं हुई। इसी प्रकार गांव हसनपुर गढ़ी में 2015 गांव कोरबाकूं में 2018 के अलावा ठाकुरद्वारा तहसील के गांव काजीपुर, रहटामाफी के दो गांव,रफातपुर, रुस्तमपुर बढ़मार,लोधीपुरवासू सैजनी कल्यानपुर, घोंडा, टांडा अफजल,बढ़ेरा, मुडिया गन्नू, कांकरखेड़ा ऐहतमाली, ईलर ऐहतमाली, खरगपुर, लालपुर तीतरी, सैजनी मुस्तकहम, पीपलसाना, जैतिया फिरोजपुर, रफातपुर, रामपुर बलभद्र जदीद, फरीदनगर, रुस्तमपुर बढ़मार, अलीरजापुर गैरआबाद में 2023 से चकबंदी जारी है। इसी प्रकार अन्य गक्खरपुर, चटकाली, फाजलपुर, वीरपुर वरियारपुर, सकतपुरा, असगरीपुर, अहरौला,आदमपुर,पीलकपुर गुमानी,रनियाठेर, नंहूवाला, पीपली अहीर, पीपली घनश्याम, प्रतापपुर आदि गांवों में 2024 से चकबंदी की प्रक्रिया जारी है। ब्यूरो

00

- निर्विवाद मामलों में सुनवाई जल्दी हो जाती है। लेकिन विवादित मामलों में अधिक समय लगता है। दोनों पक्षों की गवाही में कई लोग होते हैं। इसलिए प्रक्रिया में देरी होती है। ऐसे ही मामले लंबित होते हैं। जिले में 44 गांवों में चकबंदी की प्रक्रिया चल रही है। - राजेंद्र राम, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी, मुरादाबाद

00

रामपुर में पांच साल से अधिक के भी मामले

मुरादाबाद। रामपुर में चकबंदी के 641 मामले लंबित है। इसमें सबसे ज्यादा एक साल के भीतर के 603 मामले शामिल है। जबकि एक साल से तीन साल तक लंबित मामलों की संख्या 32 है। वहीं तीन साल और पांच साल से ज्यादा के छह लंबित मामले हैं।

000

संभल एसओसी का चार्ज एसओसी के पास

मुरादाबाद। संभल में डीडीसी और एसओसी का पद खाली चल रहा है। यहां डीडीसी का चार्ज डीएम और एसओएसी का चार्ज गाजियाबाद एसओसी के पास है। गाजियाबाद एसओसी सप्ताह में तीन दिन आते हैं। संभल में डीडीसी कोर्ट में 800 से ज्यादा मामले लंबित चल रहे हैं। इसके अलावा एसओसी कोर्ट में 200 से ज्यादा मामले लंबित हैं।

00

अमरोहा में डीडीसी स्तर के 104 मामले लंबित

मुरादाबाद। अमरोहा में चकबंदी विभाग में कुल 600 मुकदमे लंबित हैं जिसमें सीओ चकबंदी स्तर पर 420, एसओसी स्तर पर 76 और डीडीसी स्तर पर कुल 104 मुकदमें लंबित चल रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें