फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना संक्रमित 35 मरीज ठीक होकर पहुंचे अपने घर

विज्ञापन
विज्ञापन
मुरादाबाद। शुक्रवार का दिन मुरादाबाद के लिए राहत भरा रहा। कोरोना संक्रमित मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या के बीच 35 पॉजिटिव मरीज स्वस्थ्य होकर घर लौट गए। इससे पहले भी नौ लोग ठीक होकर घर जा चुके हैं। मुरादाबाद जिले में अब 61 कोरोना एक्टिव मरीज भर्ती हैं। एक सप्ताह के भीतर कई मरीजों को अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी।
विज्ञापन

सीएमओ डा. एमसी गर्ग ने बताया कि मुरादाबाद जिले के 12 मरीज टीएमयू और 14 मरीज कोविड 19-एल 1 श्रेणी अस्पताल से डिस्चार्ज हुए हैं। अधिकतर संक्रमित लोगों के अस्पताल में भर्ती होने के 23 दिन के भीतर ही दूसरी निगेटिव रिपोर्ट आ गई। जबकि कुछ लोगों की 16 दिन के भीतर ही दूसरी निगेटिव रिपोर्ट आई है। मुरादाबाद के नौ मरीज सीएचसी हलदौर बिजनौर से स्वस्थ होकर घर लौट गए हैं। मुरादाबाद में शुरुआती दिनों में अचानक से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने पर नौ लोगों को बिजनौर अस्पताल में शिफ्ट किया गया था। सभी 35 लोग स्वस्थ होकर परिवार के बीच लौट गए हैं। सभी 14 दिनों तक होम क्वारंटीन रहेंगे।
डिस्चार्ज होने वालों में अमरोहा और संभल के लोग भी शामिल
करुला, तंबाकू बलान, गलशहीद, बरबलान, मुगलपुरा और संभल, अमरोहा निवासी हैं। इनमें अधिकतर लोगों की उम्र 21 साल से 40 साल के बीच हैं। एक की उम्र 50 साल है।
विज्ञापन

मास्क पहनें और सोशल डिस्टेंसिंग ही कोरोना से बचाव
डिस्चार्ज होकर घर लौटने वालों ने अस्पताल से वायरल किया वीडियो
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। कोविड 19 एल 1 अस्पताल से ठीक होकर घर लौटने से पहले कई लोगों ने सामूहिक वीडियो बनाकर वायरल किया। इसमें अस्पताल के स्टाफ की सराहना करने के साथ कोरोना को मजाक समझने वालों के लिए संदेश भी दिया है। वीडियो में कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग ही कोरोना से बचाव है। लोग बेवजह घरों से बाहर न निकलें। जरूरी काम पड़ने पर निकलना भी पड़े तो मास्क जरूर पहनें। घर के बाहर हो या घर के अंदर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। लोगों ने अस्पताल के अपने अनुभव भी साझा किए।
- संभल निवासी 26 साल के युवक ने कहा कि डाक्टरों और स्टाफ की कड़ी मेहनत से ही उनका इलाज संभव हुआ है। 23 दिन अस्पताल में रहा। 24 घंटे स्टाफ मदद के लिए साथ रहा। वार्ड की सफाई से लेकर समय पर खाना और जरूरत का सामान मिला। अल्लाह और अस्पताल के स्टाफ ने उनका साथ दिया है और वो भी दूसरों का साथ देंगे।
- करुला के 21 साल के युवक ने कहा कि कोरोना संक्रमित होने से काफी घबरा गया था। परिवार भी चिंतित था। डाक्टरों की मेहनत से बीमारी से छुटकारा मिला। अब मैं अपने परिवार के बीच लौट रहा हूं। जिन्हें भी कोरोना के लक्षण हैं वो घबराने के बजाए अस्पताल जाकर जांच कराएं। स्वास्थ्य विभाग का साथ दें।
- बरबलान के 30 साल के युवक ने कहा कि 23 दिन में जिंदगी का महत्व समझ आया। अब मेरा भी दायित्व है लोगों को कोरोना से बचाव के लिए जागरूक करूं। घर के बाहर ही नहीं परिवार में भी सामाजिक दूरी जरूरी है। मुंह पर कपड़ा बांधना और साबुन से हाथ धोने से संक्रमण से बचाव है।
- संभल के 26 साल के युवक ने कहा कि डाक्टर दोस्त और स्टाफ परिवार का हिस्सा बन गया। एक बजे रात में भी फोन किया तो डाक्टरों ने उठाया और जरूरत का हर सामान उपलब्ध कराया। सरकार ने अस्पताल में जो सुविधाएं मुहैया कराई हैं, सरकारी अस्पताल के हिसाब से बहुत बेहतर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें