मुरादाबाद। 30 मई 25 साल में सबसे गर्म दिन व रात रही। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 45 डिग्री और न्यूनतम तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार इससे पहले वर्ष 1999 में 45 डिग्री के आसपास तापमान रहा था, क्योंकि उस वर्ष सूखा पड़ा था।
आजकल आसमान से बरसती आग से जीना दूभर हो गया है। इंसान ही नहीं, पशु-पक्षी भी बेहाल हैं। भीषण गर्मी से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। हीट वेव और लू के थपेड़े बैचेनी बढ़ा रहे हैं। 21वीं सदी में इतनी भयंकर गर्मी पड़ रही है। सूरज निकलने के साथ धूप की जो तपिश शुरू होती है, वह आधी रात तक बरकरार रहती है। सुबह दस बजे के बाद से कालोनियों में सन्नाटा पसर जाता है। दोपहर के समय बाजारों में और प्रमुख चौराहों पर इक्का-दुक्का दोपहिया वाहन चालक नजर आते हैं। दोपहिया वाहन चालक सूती कपड़े से खुद को लपेटे हुए होते हैं, इसके बावजूद गर्मी से राहत नहीं मिलती है। स्थिति यह है कि रात 11 बजे भी गर्म हवाएं झुलसाती हैं। रात को भीषण गर्मी सोने नहीं दे रही है। पंखा और कूलर की हवा भी ठंडी नहीं लग रही है।
सामान्य से छह डिग्री अधिक तापमान
मौसम विज्ञान विभाग के डाटा संग्रह केंद्र के अधिकारियों के अनुसार बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान में 1.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 2.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई। अधिकतम तापमान सामान्य से छह डिग्री और न्यूनतम तापमान सामान्य से 6.4 डिग्री सेल्सियस अधिक है। बृहस्पतिवार सुबह वातावरण में नमी 44 फीसदी थी, जो शाम को घटकर 25 डिग्री सेल्सियस रह गई। दिन में हवाओं का रुख भी बदलाव। सुबह हवा पूरब दिशा से पश्चिम दिशा में और शाम को पश्चिम दिशा से पूरब दिशा में पांच से दस किलोमीटर प्रति घंटा की गति से रही।
30 दिन में लगभग दस डिग्री बढ़ा तापमान
पिछले माह 30 अप्रैल को न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मई माह की शुरुआत से ही अधिकतम के साथ न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी होती गई। बृहस्पतिवार को 30 मई को न्यूनतम तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इन 30 दिनों में न्यूनतम तापमान में लगभग दस डिग्री की बढ़ोतरी हुई। चिकित्सकों के अनुसार रात को तापमान बढ़ने की वजह से लोगों को बेचैनी और अनिद्रा की समस्या हो रही है।