मुरादाबाद। जिले में 503 अस्पताल सीएमओ कार्यालय में पंजीकृत हैं। इनमें से 100 अस्पतालों के पास भी विद्युत सुरक्षा की एनओसी नहीं है। दिल्ली के अस्पताल में आग के केस के बाद अग्निशमन विभाग की ओर से कई अस्पतालों को नोटिस जार किए गए। इस बीच यह बात भी खुल गई कि कई अस्पतालों के पास विद्युत सुरक्षा की एनओसी भी नहीं है।
जोकि फायर सेफ्टी की एनओसी जितनी ही महत्वपूर्ण है। कई बार आग का कारण शॉर्ट सर्किट ही बन जाता है। विद्युत सुरक्षा निदेशालय यह तय करता है कि अस्पताल में बिजली सप्लाई के लिए जिन तारों व अन्य सहायक उपकरणों का इस्तेमाल हो रहा है, वे मानक के अनुसार हैं या नहीं। भौतिक निरीक्षण व तारों और अन्य विद्युत उपकरणों को देखने के बाद यह एनओसी दी जाती है। शहर में 50 व 100 बेड वाले अस्पतालों के पास ही विद्युत सुरक्षा की एनओसी है।
विद्युत सुरक्षा के सहायक निदेशक जेबी सिंह ने बताया कि बहुत कम अस्पतालों के पास ही विद्युत सुरक्षा की एनओसी है। हमने कई बार पत्र जारी किए हैं। समय समय पर अस्पतालों में जाकर भी संचालकों को जागरूक करते हैं। इसके बावजूद कम बहुत लोगों के आवेदन आते हैं।