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आतंकियों से मोर्चा और मुठभेड़ का विशेष प्रशिक्षण लेकर पुलिस का हिस्सा बनीं 197 महिला कांस्टेबल

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मुरादाबाद के कांठ रोड स्थित 9वीं वाहिनी पीएसी परेड ग्राउण्ड में दीक्षान्त समारोह कार्यक्रम सर्व - फोटो : CITY
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मुरादाबाद। आतंकियों से मोर्चा और मुठभेड़ का विशेष प्रशिक्षण लेकर 197 महिला कांस्टेबल पुलिस विभाग का हिस्सा बन गईं। नौवीं वाहिनी पीएसी के मैदान में शुक्रवार सुबह शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। इसमें सेना नायक अशोक कुमार ने सभी को शपथ दिलाई। कोरोना वायरस के मद्देनजर विस्तृत परेड आयोजित नहीं की गई। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा गया और सभी रिक्रूट्स के बीच दो गज की दूरी रखी गई।
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30 दिसंबर 2019 को नौवीं वाहिनी पीएसी में लखनऊ, सीतापुर, शाहजहांपुर कासगंज और हरदोई की 200 महिला रिक्रूट्स आरक्षियों ने आमद कराई थी। इन्हें छह माह तक विशेषज्ञों द्वारा साइबर क्राइम, अपराध नियंत्रण, व्यवहार, जंगल ट्रेनिंग, घुड़सवारी, मोटर प्रशिक्षण, फायरिंग, कानून का ज्ञान, आईपीसी, सीआरपीसी समेत आउट डोर, इंडोर का प्रशिक्षण दिया गया। इस बैच को विशेष बतौर पर आतंकियों से मोर्चा और मुठभेड़ का कड़ा प्रशिक्षण भी दिया गया गया है। एक रिक्रूट बीच में ही ट्रेनिंग छोड़कर चली गई थी। इसके अलावा फाइनल परीक्षा में दो रिक्रूट्स फेल हो गई थी। कुल 197 रिक्रूट्स को पास आउट होने का मौका मिला। नवीं वाहिनी पीएसी का मैदान एक दिन पहले ही सजा लिया गया था। रिक्रूट्स को शपथ के लिए खड़ा करने के लिए दो गोल घेरे बना दिए थे। जिसके बीच दो गज की दूरी रखी गई।
शुक्रवार सुबह सभी महिला रिक्रूट्स कांस्टेबल मैदान में पहुंचीं। सभी ने मुंह पर मास्क लगा रखा था। नवीं वाहिनी पीएसी के सेना नायक अशोक कुमार ने शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि आज से उनकी अग्निपरीक्षा शुरू होते ही। ट्रेनिंग के दौरान जो प्रशिक्षण दिया गया है वो ड्यूटी के दौरान हमेशा याद रखना। जहां भी आप तैनात रहें वहां मेहनत, लगन और ईमानदारी से ड्यूटी करें। पीड़ितों को न्याय दिलाने में कभी पीछे नहीं हटना। अनुशासन पुलिस विभाग की मजबूत कड़ी है। जिसका हमेशा ख्याल रखना। इस दौरान अतिथि दीर्घा में महिला कांस्टेबलों के परिजन भी मौजूद रहे। बेटियों को पुलिस वर्दी में देखकर उनकी भी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मुख्य अतिथि ने ट्रेनिंग के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वाली कांस्टेबलों को प्रशस्ति प्रत्र और ट्राफी देकर सम्मानित किया। इस दौरान असिस्टेंट कमांडेंट अरुण कुमार, आरटीसी प्रभारी तेज प्रताप सिंह, क्वार्टर मास्टर किशनलाल गौतम, सूबेदार मेजर नितिन कुमार और महिला कांस्टेबलों के परिजन भी मौजूद मौजूद रहे।
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पीएचडी तनुजा बनी सर्वांग सर्वोत्तम, बनना चाहती हैं आईपीएस अफसर
मुरादाबाद। छह माह के कड़े प्रशिक्षण के दौरान आउट डोर और इंडोर में सबसे ज्यादा अंक प्राप्त कर तनुजा राणा को सर्वांग सर्वोत्तम चुना गया है। तनुजा राणा बिजनौर के शेरकोट निवासी हैं। पिता उदयवीर सिंह राणा ऑटो चालक हैं। दो भाई तनुज राणा और रिषभ राणा हैं। तनुजा ने बताया कि वह एमए पीएचडी कर चुकी हैं। उन्होंने हरिद्वार के गुरु कुल कांगड़ी विश्व विद्यालय से पीएचडी की है। तनुजा ने बताया कि सिविल सर्विस की तैयारी कर रही है। आगे की स्टडी जारी रखेगी। वह आईपीएस अफसर बनकर अपनी नानी, माता माता पिता और भाइयों का सपना पूरा करना चाहती है।
हमें न समझें कमजोर, तोड़ देंगे अपराध की कमर
मुरादाबाद। जोश और सेवा भावना से लबरेज महिला कांस्टेबल बोलीं कि उन्होंने ट्रेनिंग के दौरान बहुत कुछ सीख लिया है। आतंकियों से मोर्चा लेना हो या अपराधियों से मुठभेड़, वे किसी भी स्तर पर वह कमजोर नहीं हैं। देश में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध की रोकथाम और अपराधियों को पकड़ने का साइबर ज्ञान उन्हें मिल चुका है। पास आउट हुई दीपा ने बताया कि देश सेवा के लिए वह पुलिस विभाग में भर्ती हुए हैं। ट्रेनिंग में उन्हें अपराध नियंत्रण, अनुशासन और पीड़ितों की मदद करना व अपराधियों पर नकेल कैसे कसी जाती है। ये सब सिखाया गया है। मीना ने बताया कि अहम यह है कि खुद सुरक्षित रखते हुए अपराधियों को पकड़ना है।
निशा ने बताया कि देश में तेजी से साइबर अपराध बढ़ रहा है। इसकी रोकथाम करना और साइबर अपराधियों को पकड़ने के लिए उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। सृष्टि राणा बताया कि वह जहां भी तैनात रहेंगी। वहां सुरक्षित माहौल बनाएंगी। ताकी महिलाएं और युवतियां खुद को सुरक्षित महसूस करेंगे। अपराधियों पर नकेल कसने के लिए विशेष प्लान तैयार करेंगे।
कानपुर कांड के बारे में महिला कांस्टेबलों को बताया गया
मुरादाबाद। आरटीसी प्रभारी तेज प्रकाश सिंह ने बताया कि महिला कांस्टेबलाें को आतंकियों से मोर्चा और मुठभेड़ का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। जंगल, रस्सा चढ़ना की ट्रेनिंग दी गई है। कानपुर कांड के बारे में भी सभी कांस्टेबलों को बताया गया है। हालांकि उससे पहले ही मुठभेड़ पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया है लेकिन जब भी मुठभेड़ के प्रशिक्षण का नंबर आता है तो इस तरह की घटना के नजर अंदाज नहीं किया जा सकता है।

मुरादाबाद के कांठ रोड स्थित 9वीं वाहिनी पीएसी परेड ग्राउण्ड में दीक्षान्त समारोह कार्यक्रम सलाम- फोटो : CITY

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