नगर निगम की चार टीमों ने रविवार को पॉलिथीन पर रोक को अभियान चलाया। टीमों ने शहर से 120 किलो पॉलिथीन को जब्त किया और 65 हजार से ज्यादा का जुर्माना वसूला। सोमवार से अभियान में और तेजी आने की उम्मीद है। इसके साथ ही शहर में जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
पॉलिथीन पर रोक का शासन का आदेश पहले दिन महानगर में प्रभावी नहीं हो सका। शहर में जगह-जगह पॉलिथीन का प्रयोग किया होता रहा। दुकानदारों ने पॉलिथीन का प्रयोग रोकने की बजाय थोड़ी सावधानी जरूर बरती। टीमों ने शहर से 120 किलो पॉलिथीन जब्त की। सबसे ज्यादा 48 किलो पॉलिथीन पहली टीम ने मुख्य शहर से जब्त की। निगम के एक लाख रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष पहले दिन 65500 रुपये का जुर्माना वसूला गया। चारों टीम में से किसी ने भी चालान नहीं किया।
पॉलिथीन पर रोक के चलते बाजार में ज्यादातर लोग इसका विकल्प तलाशने में जुटे रहे। थोड़े ना-नुकुर के बाद दुकानदार भी छिपाई गई पॉलिथीन निकालकर दे देते थे। कुछ लोग थैला लेकर घर से निकले थे, जबकि कई को एक साथ पॉलिथीन बंद होने की उम्मीद ही नहीं थी। ऐसे में कई जगह दुकानदारों ने सामान बिना पॉलिथीन के ही लोगों के हाथों में थमा दिया। दुकानदार पॉलिथीन पर रोक लगी होने की जानकारी लोगों को देते रहे। इसके बावजूद लोग पांच रुपये का कपड़े का बैग लेने को तैयार नहीं हुए।
नगर निगम ने पॉलिथीन पर रोक लगाने के साथ ही बाजार में लोगों को फ्री में कपड़े के थैलों का वितरण कराया। निगम की ओर से दुकानदारों को कपड़े के थैले तीन रुपये पीस के हिसाब से दिए जा रहे हैं। बाजार में सवा सौ रुपये किलो कपड़े के थैले जगह-जगह बिक्री किए जाते रहे।
मुख्य बाजार में जहां पॉलिथीन पर रोक का असर दिखाई दिया, वहीं छोटी कालोनियों में धड़ल्ले से इसका प्रयोग किया गया। नगर निगम के पक्ष में कई सामाजिक संगठन भी आ गए हैं। व्यापार संगठनों का भी सहयोग लिया जा रहा है।
पॉलिथीन पर रोक का निर्णय पर्यावरण और स्वास्थ्य को समर्पित है। यह प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत को समर्पित है। इसको जनसहयोग से सफल बनाया जाना है। लोगों से आग्रह है कि वह पॉलिथीन का प्रयोग न करें और न ही करने दें।
- अवनीश कुमार शर्मा, नगर आयुक्त।