कांठ। सीएचसी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजीव सिंह द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हेल्थ वेलनेस सेंटरों पर कार्यरत सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) के साथ की गई ऑनलाइन मीटिंग के दौरान 19 सीएचओ मीटिंग से गैरहाजिर पाए गए। जिन्हें नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है। साथ ही संतोषजनक जवाब नहीं देने पर उनका एक दिन का वेतन रोकने की भी चेतावनी दी गई है।
मंगलवार को दोपहर तीन बजे चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजीव सिंह ने क्षेत्र में संचालित हेल्थ वेलनेस सेंटरों पर कार्यरत सभी 35 सीएचओ के साथ ऑनलाइन माध्यम से मीटिंग करते हुए उनकी उपस्थिति को चेक किया गया। जिसमें छजलैट की सीएचओ प्राची सक्सेना, सदरपुर की मीनू, राजीपुर खद्दर की संजो, फोल्ड़ा पट्टी की सोनम, उमरी चौराहा की प्रेमलता और पैगम्बरपुर के पुनीत गैरहाजिर रहे। वहीं दो जनवरी को की गई ऑनलाइन मीटिंग से छजलैट की सीएचओ प्राची सक्सेना, सदरपुर की मीनू, राजीपुर खद्दर की संजो और फोल्ड़ा पट्टी की सोनम गैरहाजिर रहीं थीं। इससे पहले 30 दिसंबर को हुई ऑनलाइन मीटिंग से बेगमपुर की सीएचओ अंकिता, किशनपुर की अनुप्रिया, ढाकी की चारू, नया गांव के हिमांशु, उमरी चौराहा की प्रेमलता, मौढ़ा तैईया के जितेंद्र, फूलपुर मिठ्ठनपुर की स्वीकृति, कुड़ामीरपुर की विधि और मौहड़ी हजरतपुर के विनीत अनुपस्थित थे। इन सभी को चिकित्सा अधीक्षक ने नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है। उन्होंने बताया कि तीन दिन में संतोषजनक जबाव नहीं देने पर इन सभी का एक दिन का वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी।