लोकसभा चुनाव की दहलीज पर खड़ी भाजपा ने प्रदेश में सपा और बसपा के गठबंधन के बाद अनुसूचित जाति के मतदाताओं पर फोकस कर दिया है। भाजपा संगठन से लेकर संघ के ओहदेदारों तक सभी का जोर इस बात पर है कि अनुसूचित जाति के वोटरों को भाजपा से जोड़ा जाए। इसके लिए पार्टी केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा अनुसूचित वर्ग के लोगों के लिए बनाई गई योजनाओं का बखान कर रही है। अनुसूचित जाति के विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों का विवरण जुटाकर उनसे संपर्क किया जा रहा है।
सपा - बसपा गठबंधन की तोड़ के रूप में भाजपा अनुसूचित जाति के वोटरों को अपने साथ खड़ा करना चाहती है। शीर्ष नेतृत्व से मिले निर्देशों के बाद पार्टी संगठन और संघ के कुछ पदाधिकारियों ने इसके लिए अलग - अलग जिम्मेदारियां संभाली हैं। सरकारी विभागों के आंकड़ों से ऐसे अनुसूचित वर्ग के लोगों को तलाश किया जा रहा है, जिन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिला है। पार्टी पदाधिकारी इन लाभार्थियों से संपर्क साधकर उन्हें यह बता रहे हैं यह लाभ उनकी सरकार ने उन्हें दिया है। दूसरी सरकारी योजनाओं के साथ ही केंद्र और प्रदेश सरकारों द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के लिए किए जा रहे कार्यों का बखान भी पार्टी पदाधिकारी कर रहे हैं। बड़े पदाधिकारियों के साथ ही बूथ स्तर के पदाधिकारियों को भी पार्टी ने इस कार्य में लगाया है।