मुरादाबाद। जिले में तेजी से बढ़ते कोरोना वायरस के संक्रमण ने अफसरों की नींद उड़ा दी है। बुधवार को संक्रमण का दायरा शहर की सीमाएं लांघकर जिले के पांच गांवों तक भी जा पहुंचा है। हालात यह हैं कि पिछले दस दिनों के भीतर जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या एक से बढ़कर 95 तक जा पहुंची है और संक्रमण की जद में आए पांच लोग दम तोड़ चुके हैं। अकेले बुधवार को ही शहर और देहात में सात नए हॉटस्पॉट्स बनाकर उन्हें पूरी तरह सील करना पड़ा है। जिले के 20 में से 11 थाना इलाकों में कंटेन्मेंट प्लान लागू करना पड़ा है। इसके साथ ही हॉटस्पॉट्स की संख्या 10 से बढ़कर 17 हो गई है।
एडीएम प्रशासन लक्ष्मी शंकर सिंह का कहना है कि कांठ और भगतपुर में जो लोग कोरोना पॉजिटिव मिले हैं वह डेढ़ माह पहले तब्लीगी जमात के संपर्क में आए थे। तब्लीगी जमात इन स्थानों पर रुकी थी। एडीएम के मुताबिक चिंता की बात यह है कि जहां जमात रुकी उन गांवों के लोग डेढ़ माह बाद पॉजिटिव मिल रहे हैं जबकि संक्रमण काल को 14 से अधिकतम 28 दिन तक माना गया है। एडीएम ने बताया कि ठाकुरद्वारा की मस्जिद से भी इंडोनेशिया के आठ नागरिकों समेत कई तब्लीगी जमाती मिले थे। लेकिन यहां से अभी कोई पॉजिटिव केस सामने नहीं आया है। यह भी फिक्र की बात है। लगता है अभी तक संक्रमित लोग चिन्हित नहीं हो पाए हैं। अब इस एरिया पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। एडीएम सिटी राजेन्द्र सिंह सेंगर नर बताया कि देहात एरिया में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद कांठ थाने के गांव उच्चैपुर गढ़ी, ईदगाह कांठ, भगतपुर थाने के गांव मानपुर और पटपुरी और पाकबड़ा थाने के गांव बागड़पुर की मढैया को हॉटस्पॉट बनाकर कन्टेंमेट की कार्रवाई शुरू की गई है। सिविल लाइंस का काजीपुरा और चक्कर की मिलक एरिया भी हॉटस्पॉट बन गया है। इससे पहले मझोला का चाऊ की बस्ती, सिविल लाइंस का हरथला, कटघर का मकबरा, लालनगरी, गोविंद नगर मझोला का आजाद नगर, मुगलपुरा का लाल बाग तबेला, बरबलान, गलशहीद, नागफनी का नवाबपुरा, कोतवाली का तंबाकू वालान हॉटस्पॉट्स बन चुके हैं। अभी तक अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग की टीमों का पूरा फोकस शहर पर ही था म लेकिन देहात इलाके में भी कोरोना संक्रमण फैलने और जिले के आधे से अधिक थाना इलाकों में कंटेन्मेंट प्लान लागू हो जाने से स्वास्थ्य विभाग के साथ ही पुलिस की भी मुश्किलें बढ़ गई हैं। हॉट स्पॉट में मेडिकल फैसिलिटी और अति आवश्यक सेवाओं के लिए सरकारी टीमें लगी हैं। इन इलाकों में सब कुछ बंद रहेगा और सप्लाई पूर्ण तरीके से सरकारी ही होगी। सबके अलग अलग नोडल अधिकारी एवं इंसीडेंट कमांडर बनाए गए हैं।