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मुझे अपने आंचल में ले लो मां...

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मुरादाबाद।
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तुमने ऐसा क्यों किया, मॉं? क्या मेरे लिए तुम्हारे दिल में कोई अरमान, कोई सपना, कोई ललक नहीं थी। अगर नहीं थी, तो फिर मुझे दुनिया में लाई ही क्यों? कोख में नौ महीने तक रखा ही क्यों? किसी ने कितना गलत कहा है कि बच्चे तो ईश्वर या अल्लाह का रूप होते हैं। ऐसा होता तो क्या मुझे किसी अनजान चौखट पर ऐसे छोड़ दिया जाता। हो सकता है, तुम्हारी कोई मजबूरी हो, हो सकता है मैं अवैध या अनचाहा होऊं, तब भी क्या मैं इस सलूक के लायक था। मॉं, मेरा कसूर क्या था? कहीं ऐसा तो नहीं कि तुम्हें मेरे इस अंजाम के बारे में कोई खबर ही न हो? काश ऐसा ही हो। जल्दी मुझे अपने आंचल में ले लो मां।
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मुरादाबाद। जिसने पैदा किया उसका तो पता नहीं, पर जो कोई नहीं वह परवरिश के लिए तैयार है। गलशहीद थानाक्षेत्र के असालतपुरा में रहने वाली मेहरुन्निसा की दहलीज पर चार दिन पहले कोई महिला एक साल के मासूम को छोड़कर भाग गई। डायरिया से पीड़ित लावारिस बच्चे को चाइल्ड लाइन ने शुक्रवार को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। एसओ गलशहीद दिनेश शर्मा के अनुसार मेहरुन्निसा ने बताया कि इस बच्चे को भीख मांगने वाली एक महिला छोड़ गई, वह पूर्व में भी कालोनी में आती-जाती रही है। दो दिन तक उसके वापस लौटने का इंतजार करने के बाद मासूम को गलशहीद पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। मेहरुन्निसा बच्चे की परवरिश करना चाहती है लेकिन पुलिस ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया के तहत पहले मासूम के परिवार वालों की तलाश का प्रयास किया जा रहा है। सार्ड चाइल्ड लाइन की प्रभारी श्रद्धा ने बताया कि मासूम को बच्चे को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाल कल्याण समिति के पदाधिकारी नीतू सक्सेना और गुलजार अहमद भी अस्पताल पहुंचे। बच्चे के परिवार वालों के न मिलने पर उसे रामपुर स्थित शिशुगृह में परवरिश के लिए भेजा जाएगा। बच्चे की जानकारी जीडी में अंकित की गई है। इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। पुलिस इस बच्चे के चोरी का होने की आशंका पर भी जांच कर रही है। (ब्यूरो)
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