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यूपी: सरकार की बुराई की तो भुगतना पड़ेगा खामियाजा, आदेश जारी

Thu, 27 Jun 2019 01:41 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद
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सोशल मीडिया
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यूं तो लोकसेवक के लिए सरकारी नीतियों की आलोचना पहले से वर्जित है, लेकिन शासन ने अब इसे देश की सुरक्षा से जोड़ दिया है। बेसिक शिक्षा सचिव के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी योगेंद्र कुमार ने सभी शिक्षकों और विभागीय कर्मियों को आदेश जारी कर कहा है कि कुछ शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मियों द्वारा शासन की नीतियों के विरुद्ध फेसबुक, व्हाट्सएप आदि पर टिप्पणियां की गई हैं।

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जिससे विभाग की छवि धूमिल हुई है और देश की सुरक्षा और एकता को भी खतरा पैदा होने की संभावना है। शिक्षकों को आगाह किया गया है कि यदि उन्होंने सोशल साइट्स पर शासन की नीतियों की आलोचना की तो उनके खिलाफ कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

प्रदेश की बेसिक शिक्षा सचिव रूबी सिंह ने 20 जून को प्रदेश के सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को जारी आदेश में कहा है कि बेसिक शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारी, कर्मचारी और शिक्षकों द्वारा राजनीति से प्रेरित होकर सोशल मीडिया पर शासन की नीतियों के विरुद्ध सामग्री डाली अथवा अग्रसारित की जा रही है। जिससे देश की सुरक्षा, एकता और सामाजिक सद्भाव पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना है।
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सूचना तकनीकि अधिनियम 2000 के हवाले से सचिव ने कहा है कि ऐसा कृत्य अपराध की श्रेणी में आता है। बेसिक शिक्षा सचिव ने सभी बीएसए को हिदायत दी है कि यदि विभाग के अधिकारी, कर्मचारी अथवा शिक्षक सोशल मीडिया पर शासन से संबंधित कोई भी प्रतिकूल टिप्पणी, तस्वीर, आडियो, वीडियो न तो प्रेषित करें और न ही ऐसी किसी सामग्री अथवा पोस्ट को अग्रसारित करें।

उन्होंने कहा कि यदि किसी शिक्षक अथवा कर्मचारी द्वारा ऐसा किया जाता है तो उसके खिलाफ कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए। सचिव के आदेश पर बीएसए योगेंद्र कुमार ने 25 जून को सभी शिक्षकों और अधिकारियों को आदेश जारी कर दिया है। मंडल के बाकी जिलों में भी इसी तरह के आदेश जारी किए गए हैं।

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