नगर पालिका परिषद में नगर पालिका अध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी की रॉर से विकास कार्य प्रभावित होने लगे है। इसका प्रभाव अब आमजन पर पड़ने लगा है। लेकिन दोनों का घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे।
वर्तमान अधिशासी अधिकारी अमिता वरुण दो माह पूर्व इटावा के मरवाह से स्थानांतरित होकर यहां आई थी। उनके कार्य भार ग्रहण करने के बाद वर्षो से एक ही पटल पर जमे बाबुओं व अन्य लोगों के पटल बदल दिए। जो नगर पालिकाध्यक्ष को नागवार गुजरा। यहीं से नगर पालिका अध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी में जंग छिड़ गई। हालात सही होने के बजाय बिगड़ते गए। जब कर्मचारियों के वेतन का मामला आया तो अधिशासी अधिकारी ने दो बाबुओं के वेतन पर हस्ताक्षर नहीं किए। जब वह अभिलेख पालिका अध्यक्ष के पास हस्ताक्षर के लिए पहुंचे तो उन्होंने भी हस्ताक्षर नहीं किए, जिससे सभी का वेतन रुक गया।
इस बारे में अधिशासी अधिकारी ने जिलाधिकारी समेत आला अधिकारियों को अवगत कराया। इसी दौरान महिला लिपिक को अधिशासी अधिकारी द्वारा डांटे जाने से उसकी हालत बिगड़ गई। इस मामले ने भी खासा तूल पकड़ा। अब पालिका अध्यक्ष ने ईओ पर निरंकुशता व गुटबंदी का आरोप लगाते हुए नगर विकास मंत्री, प्रमुख सचिव समेत आला अधिकारियों को अवगत कराया और कार्रवाई की मांग की है। दोनो की रार अब शहर में चर्चा का विषय बनी हुई। उनकी इस रार से शहर के विकास कार्य थम गए है। खुर्जा गेट पुलिया का निर्माण न होने से लोगो को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वेतन न मिलने से कर्मचारियों के सामने दिक्कत आ रही है।