पीलीकोठी स्थित नगर निगम कार्यालय में वर्ष 2019-20 का मूल बजट तीन घंटे की गहमागहमी के बीच पारित हो गया। तीन अरब 95 लाख के भारी भरकम बजट में सड़क, स्ट्रीट लाइट, नाला निर्माण और शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए 149 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। नगर निगम प्रशासकीय भवन 12 करोड़ 55 लाख से बनेगा। नगर आयुक्त ने कहा कि नये साल में प्रशासकीय भवन की पहली मंजिल तैयार हो जाएगी। नगर निगम कर्मचारियों के इलेक्ट्रानिक अटेंडेंट सिस्टम पर 20 लाख खर्च किए जाएंगे। कान्हा गौशाला और पशु आश्रम पर दो करोड़ का खर्च होगा।
बजट में 14 वां वित्त आयोग से 35 करोड़, राज्य वित्त आयोग से 110 करोड़ और अवस्थापना निधि से 20 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है। वहीं गोविंदनगर फुट ओवर ब्रिज के लिए 412 लाख रुपये खर्च करने की व्यवस्था की गई है। पार्कों के रखरखाव पर160 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सड़क निर्माण, स्ट्रीट लाइट, जलापूर्ति और पार्कों के रखरखाव के लिए 20 करोड़ 87 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है।
बजट की मुख्य बिंदु :
जलापूर्ति 6.50 करोड़
जलनिकासी 50 लाख
नाला सफाई 1.50 करोड़
स्ट्रीट लाइट 2.65 करोड़
सड़क निर्माण 39.20 करोड़
नाला निर्माण 1.5 करोड़
जलकल निर्माण 3.5 करोड़
शासन उठाता है खर्च, आपके कहां खर्चें 12 लाख
बोर्ड बैठक के दौरान सामूहिक विवाह योजना पर 12 लाख के हुए खर्च पर कार्यकारिणी सदस्य कुलदीप नारायण सिंह ने सवाल उठाया कि जब शासन ही पूरा खर्च उठा रहा है तो नगर निगम ने कहां रुपया खर्च किया। सदस्यों ने कहा - आयोजन के दौरान वह लोग गवाह हैं कि लोगों को भूखा जाना पड़ा था। मेयर के आदेश पर खर्च को जांचने के आदेश दिए गए।
आधी अधूरी तैयारी से बैठे अफसर
मेयर ने बजट पारित होने की शुरुआत में भवन निर्माण पर हुए खर्च 58.9 लाख रुपये का हिसाब मांगा। निर्माण विभाग के इंजीनियर एक दूसरे की तरफ देखते रहे। नगर आयुक्त संजय चौहान ने फाइल लाने के लिए कहा, लेकिन बोर्ड बैठक के अंतिम पड़ाव पर फाइलें आ सकी। अन्य मदों की चर्चा में भी अफसर आधी अधूरी जानकारी देते नजर आए। नगर आयुक्त ने नाराजगी जाहिर करते हुए पूछा कि जब सभी विभागों को पहले ही लेटर जारी किए गए थे तो तैयारी से क्यों नहीं आए।
क्या विदेश से आएंगी 44 लाख की टोकरी
44 लाख रुपये में टोकरियों की खरीदने पर मेयर ने जानना चाहा कि पिछले बजट में सात लाख में टोकरियां आई थी, इस बार क्या विदेश से टोकरी मंगवाई जा रही है। टीएन मिश्रा ने बताया कि बजट में सिर्फ टोकरी नहीं, बल्कि बाकी उपकरण भी आने हैं।
25 दिन में कैसे वसूलेंगे 11.12 करोड़
मेयर ने टैक्स विभाग से जवाब मांगा कि 340 दिनों में 19 करोड़ के सापेक्ष सिर्फ 7.88 करोड़ रुपये की वसूली हो सकी है। 25 दिनों में 11.12 करोड़ रुपये कैसे वसूले जाएंगे। नगर आयुक्त ने भी नाराजगी जाहिर करते हुए शुक्रवार सुबह तक कैंप लगाने समेत प्लानिंग तलब की है, ताकि लक्ष्य हासिल किया जा सके।
3.5 करोड़ से स्मार्ट बनेगा स्कूल
निगम के स्कूल के खर्च की मद में प्रावधान नहीं होने से कार्यकारिणी उपाध्यक्ष अर्चना शर्मा ने आपत्ति की। नगर आयुक्त ने प्रशासकीय भवन की मद से पांच लाख रुपये देने का प्रस्ताव रखा, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। टीएन मिश्रा के मुताबिक स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 3.5 करोड़ रुपये से स्कूल को स्मार्ट बनाया जाएगा।
सभी ठेके सिर्फ चार ठेकेदारों को
भाजपा पार्षद कुलदीप कुमार ने निगम के सभी ठेके चार ठेकेदारों के नाम ही जारी होने का सवाल उठाया। जलकल विभाग के जीएम एसपी श्रीवास्तव ने क हा ठेकेदार के अनुभव और हैसियत के लिए सिक्योरिटी की शर्त के बावजूद बीलो टेंडर आने से समस्या हुई है। उन्होेंने कहा कि पुराने टेंडर निरस्त कर देने चाहिए। लेकिन नगर आयुक्त ने आचार संहिता का हवाला देते हुए अगली बैठक में इस मुद्दे को उठाने के लिए कहा।
एलईडी का ठेका कंपनी को, 150 कर्मचारी पर सवाल
पथ प्रकाश व्यवस्था पर कार्यकारिणी सदस्य नदीम ने पूछा एलईडी लाइट लगाने का ठेका एक ही कंपनी को दिया गया है, फिर नगर निगम के 150 प्रकाश विभाग के कर्मचारी क्या काम करते हैं। उन्हें दूसरे विभाग से संबद्ध कर दिया जाए।