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अस्पताल में दवाओं का संकट, मरीज परेशान

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मुरादाबाद।
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सामुदायिक केंद्रों में एंटी रेबीज वैक्सीन ही नहीं बल्कि सामान्य दवाओं का भी अकाल हो गया। 109 तरह की दवाओं में 36 दवाएं ही उपलब्ध हैं। दवाएं नहीं मिलने से मरीज परेशान हैं। अधिकतर सामुदायिक केंद्रों में अब डाक्टर स्टॉक में शामिल दवाएं ही लिखने लगे हैं।
मुरादाबाद जिले में आठ सामुदायिक केंद्र हैं। इनमें मरीजों का काफी अधिक दबाव है। बिलारी, कांठ और ठाकुरद्वारा में सबसे अधिक मरीज पहुंचते हैं। इनमें टीकाकरण के साथ ओपीडी संचालित होती है। एंटी रैबीज वैक्सीन की सबसे अधिक मारामारी है। अप्रैल से अब तक सामुदायिक केंद्रों की जरूरत के हिसाब से 6000 वायल की मांग की तुलना में मात्र 640 वायल आपूर्ति हुई है। इससे सामुदायिक केंद्रों की सप्लाई में कटौती की जा रही है। एंटी रैबीज वैक्सीन के अलावा सामान्य दवाओं की सप्लाई भी बाधित हो रही है। सामुदायिक केंद्रों में 109 तरह की दवाएं शामिल हैं। दवाओं की खरीद पोर्टल के माध्यम से होती है। जिला औषधि भंडारण से दवाओं की कई बार डिमांड भेजी जा चुकी है, लेकिन दवाओं की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इसका खामियाजा मरीजों को झेलना पड़ रहा है। दवाएं नहीं होने से मरीजों के साथ डाक्टर भी परेशान हैं। डाक्टर स्टॉक की दवाएं लिख रहे हैं। मरीज की सेहत में सुधार नहीं होने से वह फिर अस्पताल पहुंच रहा है।
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- कुछ समय से दवाओं की कमी बनी है। सामुदायिक केंद्रों को 36 तरह की दवाएं दी जा रही हैं। पोर्टल पर आर्डर दिए हैं, लेकिन आपूर्ति नहीं दी जा रही है। - एसपी सिंह, चीफ फार्मेसिस्ट, औषधि भंडार
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- जिला अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन और 452 तरह की दवाएं हैं। सामुदायिक केंद्रों के मरीज जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। किसी भी दवाओं का संकट नहीं है। - डा. राजेंद्र सिंह, एमएस
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