शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए जयपुर मॉडल लागू किया जाएगा। मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में मंडलायुक्त ने माइक्रो प्लान तैयार करके उसके क्रियान्वयन का आदेश दिया है। आईजी ने रेंज में बरेली की तर्ज पर ई चालान प्रणाली लागू करने के निर्देश यातायात पुलिस को दिए हैं। नशे में वाहन चलाने वालों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए जाएंगे।
मंडलायुक्त राजेश कुमार सिंह ने कहा कि जयपुर मॉडल की तर्ज पर एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष बनाकर कमांड सिस्टम के जरिए यातायात को नियंत्रित किया जाए। कमिश्नर ने कहा कि वर्ष 2017 की पहली तिमाही के सापेक्ष 2018 की पहली तिमाही में रामपुर और बिजनौर में मार्ग दुर्घटनाओं में वृद्धि हुई है। इस तिमाही में अभी तक 703 व्यक्तियों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हो चुकी है। कमिश्नर ने आरटीओ और पुलिस को निर्देश दिया कि सीट बेल्ट और हेलमेट का प्रयोग नहीं करने वालों पर सख्ती से कार्रवाई करें। कांठ रोड से सिविल लाइंस आने वाले रास्ते से अतिक्रमण हटाया जाए। एनसीसी और स्काउट गाइड्स की मदद से यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाए। जो ई रिक्श पंजीकृत नहीं हैं उन्हें कतई न चलने दिया जाए। डग्गामार वाहनों पर तुरंत रोक लगे।
पुलिस महानिरीक्षक बिनोद कुमार सिंह ने मंडल में चिन्हित 59 ब्लैक स्पॉट पर एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए। आईजी ने कहा कि ब्लैक स्पॉट राष्ट्रीय राजमार्ग या एमडीआर पर स्थित 500 मीटर की दूरी का वह स्थान होगा जहां पिछले तीन सालों में पांच दुर्घटनाएं हुई हों। या फिर तीन साल में 10 से ज्यादा लोगों की जान गई हो। आईजी ने निर्देश दिया कि रेड लाइट जम्प करने, ओवर स्पीड, ओवर लोडिंग, वाहन चलाते समय फोन पर बात करने, नशा करके वाहन चलाने के मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाए। बैठक में नगर आयुक्त अवनीश कुमार शर्मा, आरटीओ आरआर सोनी, एसपी सिटी अंकित मित्तल, एसपी ट्रैफिक सतीश चंद्रा आदि उपस्थित थे।