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यूपी: मुरादाबाद के 134 यात्री सऊदी अरब में फंसे, परिजनों की केंद्र से गुहार; फ्लाइट का किराया 70 हजार पहुंचा

Wed, 28 Oct 2026 04:14 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

हूती हमले के कारण सऊदी अरब में मुरादाबाद के 134 यात्री फंस गए हैं। फंसे हुए उमरा यात्रियों की दवाएं खत्म हो गई हैं, जिससे उनके परिजन परेशान हैं।
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मुरादाबाद के 134 यात्री सऊदी में फंसे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उमरा पर गए मुरादाबाद के 134 यात्री सऊदी अरब में फंस गए हैं। वतन वापसी के लिए इन्हें सीधी विमान सेवा नहीं मिल पा रही है। हूतियों के सऊदी अरब पर हमले के चलते दम्माम व रियाद से सीधी विमान सेवा बंद होने की वजह से यह दिक्कत आई है। फंसने वालों में बच्चों से लेकर महिला व बुजुर्ग भी शामिल हैं। इनमें कुछ बीमार भी हैं, जिनकी दवा खत्म हो गई है। फंसे लोगों के परिजनों का आरोप है कि उनके घरवाले जिस एजेंट के माध्यम से उमरा करने सऊदी अरब गए थे, वह एजेंट भी वर्तमान स्थिति में संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं। परेशान परिजन स्थानीय जन प्रतिनिधियों से संपर्क साध रहे हैं। इसके साथ ही दिल्ली में केंद्र सरकार के अधिकारियों से भी मिल रहे हैं ताकि परिवार वाले सुरक्षित घर लौट आएं।

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इंडिगो और एयर इंडिया की उड़ानें रद होने के कारण उन्हें सऊदी अरब में ही रुकना पड़ रहा है। 12 अक्तूबर से शुरू हुई इस परेशानी के बीच वापसी की तारीख पहले 18, फिर 24 अक्तूबर और अब 31 अक्तूबर तक बढ़ गई है। मक्का और मदीना में अलग-अलग जगह ठहरे जायरीन का खर्च बढ़ रहा है। कई जायरीन अब अपने परिवार से पैसे मंगाकर रहने और खाने-पीने का खर्च पूरा कर रहे हैं।

ड्रीम फ्लाई टूर एंड ट्रेवल्स के संचालक मोज्जम अफरीदी ने बताया कि उड़ानें रद होने से जायरीनों को अतिरिक्त दिन सऊदी अरब में गुजारने पड़ रहे हैं। मक्का और मदीना के होटलों का किराया अधिक होने के कारण कई लोग शहरों से दूर सस्ते होटलों में ठहर रहे हैं। जिन जायरीन के पास पर्याप्त पैसे हैं वे सऊदी एयरलाइंस से टिकट लेकर लौट रहे हैं। इस एयरलाइन का किराया करीब 70 हजार रुपये बताया जा रहा है। महंगी टिकट खरीद पाना सभी के लिए संभव नहीं है, इसलिए आर्थिक रूप से कमजोर जायरीन को उड़ानें बहाल होने का इंतजार करना पड़ रहा है।
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जिले के 100 से अधिक जायरीन सऊदी अरब में हैं। जो लोग डीलक्स पैकेज से उमरा करने गए थे, वे सऊदी एयरलाइंस से वापसी कर रहे हैं। 12 अक्तूबर से यह परेशानी बनी हुई है। 31 अक्तूबर को राहत मिलने की उम्मीद है। - गुलरेज, संचालक, एलेन ट्रैवल्स एंड टूर

इस संबंध में अभी कोई सूचना नहीं है। जानकारी कर पता करते हैं। - दिलीप कुमार, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी

ठाकुरद्वारा के नौ लोग फंसे
उमरा करने गया शरीफ नगर का एक परिवार सऊदी में फंस गया है। गांव के कलीम अहमद ने बताया कि इसी गांव के उनके बहनोई मोहम्मद इमरान व बहन इमराना परिवार के साथ 28 सितंबर को उमरा करने के लिए मक्का मदीना गए थे। उनके साथ उनकी मां सलीमा खातून, बहन नाजरीन, पुत्र मोहम्मद (4), पुत्री आयशा ( 7) और हमना (2) भी गए हैं। उनकी 17 अक्तूबर को वापसी होनी थी। मोहम्मद और इमरान बीमार भी हैं। इनके अलावा गांव के ही मोहम्मद आजम और दिलवरी भी उमरा करने गए हैं, जो लौट नहीं पा रहे हैं। ठाकुरद्वारा क्षेत्र से करीब 10 लोग सऊदी अरब में काम के सिलसिले में गए हैं। हालांकि सभी सुरक्षित हैं लेकिन परिजन चिंतित हैं। 

सऊदी अरब में कुंदरकी के 15 उमरा यात्री फंसे
उमरा पर गए कुंदरकी के 15 यात्री होटल में फंसे हुए हैं। पिछले माह 24 सितंबर को कुंदरकी नगर के मोहल्ला नूरूल्ला निवासी डॉ. कौसर महमूद की पत्नी नाजमीन अपने दो बेटों अब्दुल रहमान और मोहम्मद जीशान के साथ सऊदी गई थीं। इसी मोहल्ले के फुरकान सैफी और उनकी पत्नी दरख्शा, पिता इरफान अली, माता मोमीन जहां और यासीन अपनी पत्नी के साथ गए हैं। खजरा गांव निवासी मोहम्मद आरिफ और उनकी पत्नी मुगलिशा भी उमरा के लिए मक्का में हैं। इन सभी यात्रियों की घर वापसी की उड़ान 14 अक्तूबर को थी। सऊदी में फंसे उमरा यात्री मोहम्मद जीशान ने वीडियो कॉल पर बातचीत के दौरान बताया कि 13 अक्तूबर को उन्होंने घर वापसी के लिए सामान पैक कर लिया था, लेकिन इसी बीच हूतियों के हमले की वजह से फ्लाइट अचानक रद्द कर दी गई। इसके बाद 17, 20 और 26 अक्तूबर को समय मिलने के बाद भी वापसी संभव नहीं हो सकी। अब 31 अक्तूबर को एयर इंडिया और इंडिगो की फ्लाइट घर वापसी के लिए उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है। संवाद

सऊदी अरब में फंसे उमरा यात्रियों को आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। यात्री नाजमीन ने फोन पर बताया कि होटल में एक प्याला दाल और उसके साथ तीन रोटी के लिए आठ रियाल देने पड़ रहे हैं जो भारतीय मुद्रा में 232 रुपये बैठते हैं। पांच लीटर पानी की केन लेने पर पांच रियाल यानि 145 रुपये और 15 लीटर की केन लेने पर 10 रियाल यानि 290 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। होटल के कमरे का रोजाना का किराया 3000 रुपये से अधिक है। मोबाइल रिचार्ज भी भारतीय मुद्रा में 3500 रुपये में हो रहा है। इसमें इंटरनेशनल कॉल करने के लिए 1000 मिनट मिल रहे हैं जिसे 20 दिन में खर्च करना अनिवार्य है। 

काम के सिलसिले में गए युवकों का परिवार चिंतित
नगर पंचायत पाकबड़ा के तीन युवक सऊदी में काम के सिलसिले में गए हैं, जिनकी सलामती के लिए परिवार के लोग चिंतित है। नगर निवासी रिजवान अहमद पिछले चार वर्षों से दम्माम में प्लंबर का काम कर रहे हैं। सद्दाम 2015 से दम्माम में लाइट फिटिंग और नसीम अहमद तीन साल से रियाद में सैलून का काम कर रहे हैं। सद्दाम एक साल पहले घर आए थे, फिर काम के सिलसिले में वहां चले गए हैं। बड़े भाई मेहंदी हसन की सोमवार रात रिजवान से हुई बातचीत में उसने बताया कि कोई विशेष परेशानी नहीं है, लेकिन हालात पर नजर है। इधर, परिवार के लोग हमले की खबर के बाद से सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। संवाद

बिलारी के 10 यात्री फंसे 
उमरा पर गए बिलारी के 10 यात्री फंसे हुए हैं। ठाकुरान गुल मोहर कालोनी की बिल्किस का कहना है कि उनके पति जफरुददीन (60) 24 सितंबर को उमरा पर गए थे जिन्हें 15 अक्तूबर को लौटकर घर आना था। 12 दिन अधिक गुजर जाने के बाद भी वह लौट नहीं सके हैं। उनकी सलामती के लिए बच्चे भी चिंतित हैं।

मोहल्ला बाजार इमामबाड़ा चौक के हाजी जाहिद हुसैन ने बताया कि पत्नी हुस्नबानो (68) 30 सितंबर को उमरा पर गई हैं, जिन्हें 20 अक्तूबर को लौटना था। अब तक लौटकर न आने से उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हूं। परिवार में उनके अलावा और कोई नहीं है। मोहल्ला अंसारियान फुलवार रोड निवासी मोहम्मद मंसूर का कहना है कि पिता मकसूद अहमद उर्फ भूरे सलमानी (60) व माता सरताज बेगम (58) 30 सितंबर को सऊदी गए हैं, जिन्हें 20 अक्तूबर को लौटना था। लेकिन अब तक नहीं लौट पाए हैं। दोनों दिल के मरीज हैं और उनकी दवा भी खत्म हो गई है। उनकी सेहत को लेकर चिंता बनी हुई है। 

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