मुरादाबाद। कोेरोना संक्रमण से लड़ने के लिए ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट के बाद अब बेडों की संख्या बढ़ाने पर जोर है। इमरजेंसी कोविड रिस्पांस पैकेज (ईसीआरपी) द्वितीय के तहत जिला अस्पताल समेत 12 सीएचसी-पीएचसी में 13 वार्ड बनाए जाएंगे। इनमें कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए 170 बेड होंगे। वार्डों का निर्माण एचएलएल इंफ्रा टेक सर्विसेज लिमिटेड कंपनी करेंगी।
कोरोना की दूसरी लहर में अस्पतालों में ऑक्सीजन और बेडों की मारामारी रही। सरकारी और निजी अस्पताल कोविड के मरीजों से फुल रहे। बेड की कमी से कई मरीजों को अस्पतालों में जगह नहीं मिली। दूसरी लहर के बाद शासन ने ऑक्सीज जेनरेशन प्लांट पर जोर दिया। प्रदेश हर जिले में ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट लगाए। इसके तहत जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, डिलारी, कुंदरकी, मूंढापांडे में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए गए। अब बेडों की कमी दूर करने के लिए वार्डों के निर्माण कराए जाएंगे। जिले में कोविड के मरीजों के लिए 13 वार्ड बनाए जाएंगे। इससे संक्रमित मरीजों के लिए 170 बेड बढ़ जाएंगे। वार्डों का निर्माण जिला अस्पताल और 12 सीएचसी और पीएचसी होगा। एचएलएल इंफ्रा टेक सर्विसेज लिमिटेड कंपनी मुरादाबाद समेत मंडल के चार जिलों में वार्डों का निर्माण कराएगी।
- कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए जिले में बेडों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके लिए 13 वार्ड बनाए जाएंगे। इन 13 वार्र्डों में कुल 170 बेड होंगे। जल्द ही वार्डों का निर्माण शुरू हो जाएगा। - डॉ. एमसी गर्ग, सीएमओ
वार्डों के निर्माण के लिए नहीं मिली भूमि
मुरादाबाद। वार्डों के निर्माण के लिए कंपनी को अभी भूमि उपलब्ध नहीं कराई गई है। अभी तक चयनित अस्पतालों में भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित कराना विभाग के लिए चुनौती बन सकती है।
कोविड मरीजों के लिए हो जाएंगे 400 बेड
मुरादाबाद। कोविड के मरीजों के लिए जिले में सरकारी इंतजाम के नाम पर 140 बेड हैं। इसमें कोविड एल टू अस्पताल एमसीएच विंग के 100, जिला अस्पताल के 10, चार सीएचसी के 120 बेड शामिल हैं। 13 वार्डों के निर्माण से जिले में कोरोना के मरीजों के लिए बेडों संख्या 400 हो जाएगी।