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Moradabad News: जांच के घेरे में 13 कर्मचारी...फर्म का पांच करोड़ का भुगतान रोका

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मुरादाबाद। डीडीओ गोविंदबल्लभ पाठक ने मंगलवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में अनियमितता के आरोपी पांच ग्राम विकास अधिकारियों व चार ग्राम पंचायत अधिकारियों (सचिवों) का निलंबन आदेश जारी कर दिया है। विभागीय जांच बीडीओ ठाकुरद्वारा उमाकांत मुद्गल को सौंपी गई है, निलंबित सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को ठाकुरद्वारा ब्लॉक से ही संबद्ध किया गया है। वहीं दूसरी ओर उपहार उपलब्ध कराने वाली फर्म के करीब पांच करोड़ रुपये के भुगतान पर रोक की संस्तुति रिपोर्ट शासन को भेजी गई है।
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डीएम द्वारा दिए गए निलंबन आदेश के क्रम में डीडीओ गोविंद बल्लभ पाठक ने मंगलवार को मूंढापांडे ब्लॉक के ग्राम विकास अधिकारी रवि कुमार, रविपाल सिंह, रणवीर सिंह, शादाब अली, अमित कुमार व ग्राम पंचायत अधिकारी मोहन सिंह रावत, इंतेजार हुसैन व पहले से ही निलंबित चल रहे धनेंद्र पाल सिंह, रजत ठाकुर के निलंबन का आदेश व विभागीय कार्रवाई का आदेश जारी कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान यह सभी ग्राम पंचायत व ग्राम विकास अधिकारी को ठाकुरद्वारा ब्लॉक से संबंद्ध रहेंगे। कुंदरकी ब्लाक में एक जोड़ा ही अपात्र पाया गया था, जिसका सत्यापन ग्राम विकास अधिकारी नित्यानंद (विधायक रामवीर सिंह के पुत्र) व दूसरा सत्यापन एडीओ (समाज कल्याण) ललित कुमार ने किया था, इन दोनों से ही स्पष्टीकरण मांगा गया है, साथ ही मामला बीडीओ मूढ़ापांडे के अधीन था, इसलिए उनका वेतन रोकने की संस्तुति की गई है। विभागीय जांच को बीडीओ ठाकुरद्वारा उमाकांत मुद्गल आगे बढ़ाएंगे, जो आरोप निलंबित कर्मियों पर लगाए हैं, उनकी जांच करेंगे।
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284 जोड़ों की नहीं हुई थी बायोमैट्रिक
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के समारोह में 1920 शादियां हुईं थीं, क्योंकि ऐन मौके पर यानी दो दिसंबर की शाम को 284 जोड़ों की एक और सूची उपलब्ध कराई गई थी, जिन जोड़ों की बायोमैट्रिक हो ही नहीं पाई थी, सभी शादियों पर कुल खर्च तो करीब 20 करोड़ रुपये था लेकिन उपहारों पर खर्च लगभग पांच करोड़ रुपये है, जिसमें गड़बड़ी पाए जाने के बाद डीडीओ ने फर्म को उपहारों पर खर्च के भुगतान को रोकने और फर्म को ब्लैक लिस्ट करने की संस्तुति की है।
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चार व पांच दिसंबर को मुख्यमंत्री सामूहिक योजना के तहत कुल 1920 जोड़ों के विवाह कराए गए। शिकायत के बाद जब जांच हुई तो इसमें 37 जोड़े ऐसे मिले, जो अपात्र पाए गए हैं। इन्हें 9.25 लाख रुपये के उपहार दिए गए, जिनकी रिकवरी के आदेश दे दिए गए हैं। चार दिसंबर को हुई शादियों में तो कोई गड़ब़ड़ी नहीं मिली लेकिन पांच दिसंबर को हुई शादियों में सर्वाधिक गड़बड़ी मूंढ़ापांडे ब्लाक की कुल 562 शादियों में से कई शादियों में मिली। इनमें 37 जोड़े तो अपात्र ही मिले। 34 जोड़ों को कोई उपहार नहीं दिए गए, 139 जोड़ों को गद्दे तो 50 दुल्हनों को चांदी का कोई सामान नहीं दिया और 37 को डिनर सेट नहीं मिला। नौ जोड़े बैठे ही नहीं, कुल मिलाकर 297 जोड़ों के साथ गड़बड़ी हुई। जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि उपहारों का ठेका लेने वाली संस्था अंशिका ट्रेडर्स ने सामान उपलब्ध कराने में अनियमितता बरती, समय से सामान उपलब्ध नहीं कराया। इसे देखते हुए कुल शादियों में उपहार की कुल धनराशि करीब पांच करोड़ रुपये के भुगतान को फिलहाल रोक देने की संस्तुति जांच अधिकारी ने की है।
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यह 37 जोडे निकले अपात्र
- - जिन युवतियों की शादी पहले ही हो चुकी है, इसके बावजूद मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की सूची में शामिल किया है, उनमें शमा परवीन (ग्राम-ललवारा), उर्मिला (अहरौला), कविता, प्रीति यादव, शिवानी (भदसाना), गुलिस्ता, सुमन, काजल, फूलवती, कविता (भीतखेड़ा), अनीता, मनीषा (बिसाहट), महविश, इमराना, गीता (दौलाड़ी). भूरी, लक्ष्मी (दुपेड़ी), राखी, शीतल व मोनिका (गढ़ीखेड़ा), रचना व निधि (घोंडा), वर्षा (हिरनखेड़ा), गुलनाज-बी, जमीला व शबाना (करनपुर), रूबी परवीन (खबड़िया भोर), जन्नती, सुमन, निशा, गुल आस्मीन (खारजपुर जगतपुर), निशा परवीन (किशवा नगला), प्रीति (लाला टीकर), ख्रुशबू, मोनिका (परशूपुरा बाजे), प्रेमलता (शिवपुरी) व नीतू (ग्राम लालपुर तिगरी) शामिल हैं।
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