स्टूडेंट पुलिस कैडेट योजना (एसपीसी) मुरादाबाद मंडल के 21 स्कूलों में संचालित होगी। एनसीसी की तर्ज पर इस योजना में छात्र एवं छात्राओं को पुलिस की कार्यप्रणाली से रूबरू कराने के साथ सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों की जागरूकता, सामाजिक बुराईयों के अलावा आपदा प्रबंधन एवं आत्मरक्षा और शारीरिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। छात्र एवं एवं छात्राओं का आउटडोर एवं इनडोर कक्षाएं संचालित की जाएगी। राज्य अनुश्रवण समिति ने जिलेवार जनसंख्या के आधार पर सूची जारी कर दी है। बेसिक शिक्षा अधिकारी स्कूलों का चयन करेंगे।
केंद्रीय गृह मंत्रालय और मानव संसाधन विकास मंत्रालय के संयुक्त प्रयासों से स्कूलों में स्टूडेंट पुलिस कैडेट योजना शुरू की जा रही है। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जुलाई 2018 में हरियाणा के गुरुग्राम से योजना लांच की थी। राज्य अनुश्रवण समिति ने उत्तर प्रदेश में योजना का प्रारूप तैयार कर लिया है। जिलों की जनगणना के आधार पर प्रदेश में 327 स्कूलों में योजना संचालित की जाएगी। इनमें मुरादाबाद मंडल के 21 स्कूल होंगे। शिक्षा निदेशक डा. सर्वेंद्र बहादुर सिंह ने बेसिक शिक्षा अधिकारियों से जिलेवार योजना के लिए स्कूल चयनित कर उनकी सूची तलब की है, ताकि स्कूलों के खातों में आरटीजीएस के माध्यम से धनराशि आवंटित की जा सके। मंडल में मुरादाबाद जिले में छह, अमरोहा में तीन, रामपुर में तीन, संभल में चार और बिजनौर में पांच स्कूलों में योजना संचालित की जाएगी।
इनडोर और आउटडोर होंगी गतिविधियां
चयनित स्कूलों में बच्चों को सप्ताह में एक दिन पुलिस की कार्यप्रणाली के बारे में बताया जाएगा। तीन साल की अवधि में छात्र एवं छात्राओं के दो बैच को पुलिस कैडेट का प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्कूलों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे, जो योजना की मानीटरिंग करेंगे। पहले 10 सप्ताह आउट डोर शारीरिक गतिविधियों में पीटी, परेड, योगा और खेल कराएं जाएंगे। इंडोर में संगठन कर रूपरेखा, पुलिस का कार्य, उनसे सहयोग, नजदीकी थाने और कंट्रोल रूम का निरीक्षण कराया जाएगा। इंडोर में भारतीय दंड संहिता एवं साक्ष्य विधान की कानूनी प्रावधान, कम्युनिटी कांसेप्ट, मानव अधिकार, भोजन शिष्टाचार, संविधान मूल अधिकारी जैसी जानकारियां दी जाएंगी। कैंप भी लगाए जाएंगे।