मुरादाबाद। नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले में अदालत ने दोषी को 12 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषी पर 22 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
संभल कोतवाली में 22 सितंबर 2015 को पीड़िता के पिता ने मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि 19 सितंबर की दोपहर घर के सभी लोग खेत पर काम करने गए थे। घर में उसकी 12 साल की नाबालिग बेटी थी। उसी दाैरान संभल में डाक बंगले के पीछे आलम सराय निवासी मोनू उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपहरण कर ले गया था। शाम को परिजन घर लाैटे तो बेटी नहीं मिली। वह अपने साथ 12 हजार रुपये और अन्य सामान भी ले गई थी।
पुलिस ने घटना के पांच दिन बाद नाबालिग लड़की को बरामद कर आरोपी मोनू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट संख्या तीन रघुबर सिंह की अदालत में की गई। अदालत ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर आरोपी मोनू को दोषी करार देते हुए 12 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही जुर्माना भी लगाया।