पेट दर्द के बाद निजी अस्पताल में भर्ती कराया
पेट में अधिक दर्द की शिकायत होने पर 30 नवंबर को उसे मुरादाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने उसकी आंत चिपकने के साथ उनमें छेद होने की बात बताई। डॉक्टरों ने आंतें खराब होने का मुख्य कारण फास्ट फूड का सेवन बताया।
चार दिन पहले दोबारा से बिगड़ी तबीयत
अस्पताल में भर्ती अहाना का तीन दिसंबर की रात डॉक्टर ने सफल ऑपरेशन किया। इसके दस दिन बाद अहाना को अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी। लेकिन, अहाना लगातार कमजोर होती चली गई, चार दिन पहले उनकी दोबारा से तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद परिजनों ने अहाना को दिल्ली एम्स में भर्ती कराया।
अहाना की हार्ट फेल होने से मौत
परिजनों के मुताबिक यहां अहाना की सेहत में कुछ सुधार हो गया था और वह चलने फिरने भी लगी थी। लेकिन रविवार की रात अचानक अहाना की तबीयत बिगड़ गई और हार्ट फेल होने से मौत हो गई।
छात्रा अहाना के मामा गुलजार खान उर्फ गुड्डू ने बताया कि डॉक्टरों ने फास्ट फूड खाने से आंत खराब होने की वजह बताई है। होनहार अहाना की मौत के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
खाने में स्वादिष्ट फास्ट फूड सेहत के लिए बेहद हानिकारक
फास्ट फूड भले ही स्वाद में अच्छा लगता हो, लेकिन यह सेहत के लिए बेहद हानिकारक है। इसे कम से कम खाना चाहिए और हेल्दी फूड को अपनी आदत बनाना चाहिए। अगर आप स्वस्थ रहना चाहते हैं, तो जंक फूड से बचें और पोषण से भरपूर आहार लें। इसके अलावा नियमित रूप से व्यायाम करें, पानी पीएं और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं ताकि आप खुद को बीमारियों से बचा सकें।
सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि हमारे शरीर को सबसे ज्यादा नुकसान फास्ट और प्रोसेस्ड फूड से होता है। इस तरह की चीजें न सिर्फ तेजी से शरीर के वजन को बढ़ाने वाली हो सकती हैं, साथ ही इसके कारण कई प्रकार की क्रोनिक बीमारियों का खतरा भी हो सकता है। फास्ट फूड का शारीरिक और मानसिक रूप से सेहत पर असर देखा जाता है।
स्वस्थ रहने के लिए इन चीजों से बचें
- समोसा, कचौरी, पकौड़े, फ्रेंच फ्राइज आदि।
- पिज्जा, बर्गर, हॉट डॉग, मोमोज आदि।
- केक, कुकीज, पेस्ट्री, चॉकलेट आदि।
- चिप्स, नमकीन, कुरकुरे आदि।
- सोडा, एनर्जी ड्रिंक्स, पैकेज्ड जूस आदि।
दाल, रोटी और सब्जी से नाता टूट गया है और भागमभाग लाइफ में फास्ट फूड लोगों की डाइट का हिस्सा बन गया है। स्कूल-कॉलेजों के स्टूडेंट्स में फास्ट फूड का अधिक क्रेज है। पिज्जा, बर्गर, चाउमीन और कोल्ड ड्रिंक्स के सेहत पर पड़ने वाले नुकसान से अंजान युवाओं ने इसे अपनी रोज की डाइट में जोड़ लिया है। फास्ट फूड का लगातार इस्तेमाल मोटापा, डायबिटीज, दिल संबंधी रोगों को दावत दे रहा है। चलन और बच्चों की पसंद के चलते अभिभावक भी फास्ट फूड दिलाने से उन्हें नहीं रोकते हैं। लगातार फास्ट फूड खाने से सेहत पर असर पड़ता है। इसकी वजह से ही टीनएज सबसे ज्यादा फैटी लिवर के शिकार हो रहे हैं। पिज्जा, बर्गर, चाऊमीन सभी मैदा से बने होते हैं। इनके सेवन से आंतों को नुकसान पहुंचता है। लगातार इस्तेमाल से लिवर के डैमेज होने के कई मामले सामने आ रहे हैं। स्ट्रीट वैन में मिलने वाले फास्टफूड में साफ-सफाई के साथ क्वालिटी ऑयल व मसालों का प्रयोग नहीं किया जाता है। -डॉ. फाइक अली, आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी
फास्ट फूड के नियमित सेवन से होने वाली बीमारियां
- लिवर संबंधी बीमारी
- मोटापा
- डायबिटीज
- कैंसर
- दिल संबंधी बीमारियां
- हाइपरटेंशन
लिवर और आंतों को नुकसान पहुंचाता है फास्ट फूड
वरिष्ठ गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ. राजीव गुप्ता का कहना है कि जरूरत से ज्यादा फास्ट फूड लिवर व आंतों को नुकसान पहुंचाया है। बच्चों व युवाओं में ज्यादा फास्ट फूड के कारण कम उम्र में डायबिटीज और और फैटी लिवर के मामले बढ़ रहे हैं। यदि खाने की जगह कोई फास्ट फूड ही खाता है तो यह एक समय के बाद जानलेवा हो सकता है। इससे शुगर, बीपी, कॉलेस्ट्रॉल, फैटी लिवर, अल्सर, सिरोसिस जैसी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं, जो जटिल होती जाती हैं।