धमौरा ट्रेन हादसे से लखनऊ और दिल्ली तक हड़कंप मच गया। रेल महकमे के साथ ही खुफिया तंत्र भी अलर्ट हो गया है। एटीएस की टीम ने गुरुवार को दुर्घटनास्थल पर पहुंचकर जांच पड़ताल की, हालांकि शुरुआती जांच में ट्रैक से छेड़छाड़ जैसे कोई बात सामने नहीं आई है। फिर भी एटीएस और अन्य खुफिया एजेंसियां इस हादसे को लेकर अलर्ट हैं। मामले की जांच की जा रही है।
बुधवार रात दिल्ली से लखनऊ जा रही पैसेंजर ट्रेन के सात डिब्बे और गार्ड बोगी बेटपरी हो गई थी। करीब दो सौ मीटर तक ट्रैक उखड़ गया था। इसके अलावा ट्रैक को सपोर्ट देने वाले तमाम स्लीपर भी दूर तक उखड़ गए थे। इस हादसे के बाद रेलवे विभाग समेत अन्य खुफिया तंत्र में अलर्ट हो गया है।
एक साल में पूरी हो पाई थी राज्यरानी हादसे की जांच
मुरादाबाद। रामपुर में कोसी नदी के पुल के पास मेरठ से लखनऊ जा रही राज्यरानी एक्सप्रेस ट्रेन के आठ डिब्बे पटरी से उतर गए थे। इस हादसे में कई यात्री घायल हो गए थे। रेलवे और जीआरपी में इस हादसे को लेकर लंबी बहस हुई थी। रेलवे इसे आतंकी घटना बता रहा था, जबकि जीआरपी और एटीएस ने आतंकी घटना से इंकार कर रेलवे अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ ही केस दर्ज कर लिया था। इस मामले की जांच एक साल में जाकर पूरी हो पाई थी। जिसमें सामने आया था कि ट्रैक कमजोर था। ट्रैक घिस गया था। जिससे बदला नहीं गया। इस मामले में सीनियर सेक्शन इंजीनियर दोषी पाया गया था।