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मौत के साए में जिंदगीः घरों से गुजर रहीं 11 हजार वोल्ट करेंट की लाइन

Fri, 22 Jul 2016 11:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
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लापरवाही - फोटो : अमर उजाला
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आपने घरों के ऊपर से हाई टेंशन लाइन गुजरते तो देखा होगा लेकिन घर के अंदर से एचटी लाइन जाते नहीं देखा होगा। इसे देखने के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं है। अपने ही शहर के आजाद नगर मोहल्ले में यह खतरनाक नजारा आम है। लोग मौत के साए तले जीने को मजबूर हैं। यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। कई जानें जा सकती हैं। 
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चांदी राम मंदिर के पास तीन ऐसे घर हैं जिनके अंदर से 11 हजार वोल्ट की एचटी लाइन गुजर रही है। एक घर के आंगन में तो चार खंभा पोल है। तार में एक छोटी सी स्पार्किंग भी पूरे घर व आसपास के लोगों को तबाह कर सकती है।

बावजूद इसके न तो मकान मालिकों ने समस्या के समाधान के लिए कोई पहल की है और न ही विभागीय स्तर पर कोई कार्रवाई हुई है। यहां के अन्य मकानों की स्थिति भी भयावह है। लोग अपने घर की छतों पर नहीं जा सकते।
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सत्तर प्रतिशत से अधिक घरों में एचटी लाइन छतों को छूते हुए गुजर रही है। हरथला में भी एचटी लाइन का एक पोल घर की दीवार के अंदर है। ऐसे में छत पर जाने में कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है।

दो साल में हुई तीन घटनाएं
स्थानीय लोगों ने बताया कि आजाद नगर में एचटी लाइन के कारण दो साल में तीन घटनाएं हो चुकी हैं। इस साल अप्रैल में एक लड़की छत पर जाने से एचटी लाइन की चपेट में आ गई थी। उसको दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां एक महीने तक  उसका इलाज चला। इससे पहले लिंटर डालते समय एक मजदूर की मौत हो गई थी और तीसरी घटना में एक मजदूर बुरी तरह झुलस गया था।

नहीं बना सकते दो मंजिला मकान
आजाद नगर के लोग चाह कर भी दो मंजिला मकान नहीं बना सकते। यहां एक मंजिला मकान की छत पर जाना ही मुश्किल है। लोग अपनी छतों का इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं। एचटी लाइन लोगों के छतों को छूकर गुजर रही है। वहीं विभाग का कहना है कि एचटी लाइन मानकों के अनुसार ऊंचे हैं। इन्हें और ऊंचा नहीं किया जा सकता।
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