मुरादाबाद। 19 साल पहले जाम लगाने और गृह मंत्री का पुतला फूंकने के मामले में सोमवार को एसीजेएम-दो अमित कुमार की अदालत ने 11 मुलजिमों को दोषी करार दिया है। अदालत ने सभी को न्यायालय उठने तक की सजा सुनाई और 1200-1200 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
शहर कोतवाली में 30 अगस्त 2007 को एसआई सुनील कुमार ने गलशहीद के भूड़े का चौराहा वाल्मीकि बस्ती निवासी प्रेमबाबू वाल्मीकि, अमरदीप, भूरे, नागफनी के किसरौल निवासी हरिओम, नागफनी के दौलत बाग निवासी धर्मेंद्र मुल्तानी, .सुनील कांत, मझोला के विकास नगर निवासी विनेश दाही, सिविल लाइंस के जिगर कॉलोनी निवासी रविप्रकाश, कटघर के छोटी सब्जी मंडी निवासी राजेश मोहन, गलशहीद के इंद्रा चौक निवासी रवि कुमार और रवि समेत अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें बताया गया कि आरोपियों ने कोतवाली क्षेत्र में इंपीरियल तिराहे पर जाम लगाकर गृहमंत्री का पुतला फूंका है। जिस कारण यातायात भी बाधित हुआ और लोगों को आने जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ा। पुलिस ने सभी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। जिसकी सुनवाई एसीजेएम दो अमित कुमार की अदालत में चली। सोमवार को अदालत ने इस मामले में फैसला सुनाया। अदालत ने सभी 11 मुलजिमों को दोषी करार देते हुए न्यायालय के उठने तक सजा सुनाई और सभी पर 1200-1200 रुपये का जुर्माना लगाया है।