मुरादाबाद। दीपावली के त्योहार में अब कुछ ही दिन का समय शेष है, लेकिन सोने के चढ़ते दामों की वजह से सुस्ती छाई हुई है। इससे दुकानदारों को राहत देने के लिए चांदी के विभिन्न प्रकार के सामान तैयारियों में चार चांद लगा रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि वेतन आते ही दीपावली की रौनक लौट आएगी।
मंडी चौक सराफा कमेटी के महामंत्री नवीन रस्तोगी ने बताया कि गत वर्ष सोना तीस हजार प्रति दस ग्राम था। इस बार दाम बढ़कर साढ़े 32 हजार हो गए हैं। इसके कारण सोने के सिक्कों की मांग नहीं हैं। महंगाई की वजह से त्योहार के पांच दिन पहले भी बाजार में उत्साह नहीं है। तैयारियों के लिए राजकोट, बॉम्बे, कोलकाता और दिल्ली से सामान मंगा लिया है, ताकि ग्राहक आएं तो उनके मनपसंद सामान मिल सके।
सर्राफ रघुवीर प्रसाद कट्टा ने बताया कि चांदी की सादा मूर्तियों के बजाय रंगीन मूर्तियां इस बार मंगवाई हैं। इन मूर्तियों पर जर्किन और नग लगे हुए है। कुछ मूर्तियों पर रंग-बिरंगा पेंट किया है। चांदी के सिक्कों में गोल, आयताकार, सोने के लुक के, रानी के पांच से दस ग्राम के सिक्के मंगवाए गए हैं।
बाजार गंज सर्राफा कमेटी के अध्यक्ष नीरज अग्रवाल ने बताया कि माह का शुरुआती समय होने की वजह से अभी वेतन नहीं मिला है। इसलिए खरीदारी में कमी है, लेकिन दो दिन बाद ग्राहकों का रुझान बढ़ेगा। चीन और मलेशिया से चांदी के रॉकेट, पटाखे, फुलझडी, चरकी, माचिस की तिल्ली मंगवाई है। यह पूरा सेट तीन सौ ग्राम का है और इसकी शुरुआती कीमत 20 हजार रुपये से है। इसके अलावा लैंप, मूर्तियां भी हैं। सिंगापुर से अंगूठी और चेन मंगवाई गई है। साथ ही डायमंड की अंगूठी की छह हजार से रुपये से शुरू है। कुंदन, पोलकी के भी आभूषण भी हैं। उन्होंने बताया कि पूरे मुरादाबाद जिले की नवरात्र से करवाचौथ तक की दस से 15 करोड़ रुपये की बिक्री रही होगी।