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दसवीं की छात्रा से दुष्कर्म में दोषी को दस साल की कैद

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मुरादाबाद। दसवीं की छात्रा को अगवा कर उससे दुष्कर्म के मामले में अदालत ने मुलजिम को दोषी करार देते हुए दस साल की कैद की सजा सुनाई है, जबकि 75 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की राशि में से पचास हजार रुपए मुआवजे के रूप में पीड़िता को देने का आदेश भी दिया है।
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भगतपुर थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़ित के पिता ने 24 जुलाई 2015 को भगतपुर थाने में दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। जिसमें वादी ने बताया था कि उसकी 17 वर्षीय पुत्री गांव के पास ही स्थित एक कॉलेज में दसवीं कक्षा की छात्रा है। 12 मार्च 2015 की सुबह करीब नौ बजे वह कॉलेज जा रही थी। तब रास्ते में बाइक सवार ताहिर और उसके साथी मिले। दोनों रामपुर जनपद के टांडा थानाक्षेत्र के मुड़िया गांव निवासी हैं। उन्होंने छात्रा को बाइक पर बैठाने की बात कही। जिस पर लड़की ने मना कर दिया। तब दोनों ने नाबालिग छात्रा को नशा सुंघाकर बेहोश कर दिया और जबरन उठा कर सुनसान स्थान पर ले गए। यहां उससे ताहिर ने दुष्कर्म किया और मोबाइल से वीडियो बना ली थी। वीडियो को सोशल मीडिया पर डालने की धमकी दे कर आरोपी ने उससे दोबारा दुष्कर्म किया। आरोपी इसी तरह छात्रा को कई बार ब्लैकमेल कर चुके थे। जब छात्रा ने दोनों की बात मानने से मना कर दिया तो आरोपियों ने वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था। इसके बाद छात्रा के परिजनों को भी इसकी जानकारी हो गई थी। भगतुपर थाने की पुलिस ने दर्ज मुकदमे के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उक्त मुकदमे की सुनवाई विशेष पॉक्सो कोर्ट संख्या तृतीय सुभाष सिंह की अदालत में की गई। विशेष लोक अभियोजक अकरम खान एवं एमपी सिंह ने बताया कि मुकदमे में बारह गवाहों ने अदालत में अपने बयान दर्ज कराए। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने और पत्रावली पर मौजूद साक्ष्य के आधार पर लिकायत को अपहरण और दुष्कर्म का दोषी करार देते हुए उसे दस साल कठोर कारावास की सजा और 75 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जबकि मुकदमे के दूसरे आरोपी के खिलाफ कोई सबूत नहीं होने के कारण उसे दोष मुक्त कर दिया गया है।
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