वाराणसी के हुकुलगंज में बुधवार को मोमोज विक्रेता किशन गुप्ता (32) ने गर्भवती पत्नी और दो मासूम बच्चों को मौत की नींद सुलाने के बाद फांसी लगा कर जान दे दी। सूचना पाकर पहुंची पुलिस मौके पर पहुंची तो सुसाइड नोट बरामद हुआ। उसमें लिखा है ‘मैं किशन आंख की रोशनी कम होने से तंग होकर आत्महत्या करने जा रहा हूं...।
मैं अपनी मर्जी से परिवार सहित जा रहा हूं...। पिता के बुढ़ापे का सहारा नहीं बन सका, इस बात का बहुत दुख है...। हम सबकी मौत के पीछे किसी का कोई दोष नहीं है...।’ पुलिस के अनुसार, किशन ने दोनों बच्चों और पत्नी की गला दबा कर हत्या की या जहर खिलाया, इसकी पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
पुलिस और स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि आर्थिक तंगी की वजह से किशन ने बच्चों और पत्नी के साथ आत्महत्या की। उधर, पिता और परिजनों ने इसे निराधार बताते हुए कहा कि बेटी की शादी के लिए रिश्तेदारों से लाखों रुपये का कर्ज लिया गया था, लेकिन इसे जल्द चुकाने का कोई दबाव नहीं था। उधार का पैसा वापस करने की पूरी व्यवस्था है।
तय किया गया था कि लालपुर स्थित जमीन बेच कर छोटे बेटे को कपड़े की दुकान खुलवाएंगे और रिश्तेदारों का कर्ज चुकाएंगे। मकान का किराया मिलने के साथ ही रोजमर्रा का खर्च किशन अपनी दुकान से निकाल लेता था।
कैंट थाना अंतर्गत हुकुलगंज निवासी कैंसर पीड़ित अमरनाथ गुप्ता के तीन बेटों और दो बेटियों में सबसे बड़े किशन का विवाह करीब 10 साल पहले सोनारपुरा क्षेत्र की नीलम से हुआ था। नीलम साढ़े आठ महीने से गर्भवती थी।
उनके दो बच्चे शिखा (7) और उज्ज्वल (5) थे। दोपहर करीब 12 बजे किशन को खाना खाने के लिए उसका छोटा भाई प्रकाश बुलाने गया तो कमरे का मुख्य दरवाजा बंद था। दूसरे दरवाजे से प्रकाश अंदर घुसा तो किशन रोशनदान के सहारे दुपट्टे के फंदे से लटका हुआ था और नीलम, शिखा व उज्ज्वल बिस्तर पर मृत पड़े हुए थे। प्रकाश ने शोर मचाया तो घर और आसपास के लोग इकट्ठा हुए।