भाजपा के पीएम पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी के नाम पर चाय पिलाने को मतदाताओं को लुभाने के लिए रिश्वत माना गया है।
ऐसे ही एक मामले में मोहम्मदी नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन संदीप मेहरोत्रा, भाजपा के नगर अध्यक्ष और 30 अन्य कार्यकर्ताओं पर चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन व आईपीसी की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग ने नमो चाय पर रोक लगा दी है।
आयोग ने प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को पत्र भेजकर ऐसे मामलों में आचार संहिता के उल्लंघन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
अनुमति भी नहीं ली गई थी
मोहम्मदी कोतवाली के एसएसआई राम सिंह पंवार की ओर से दर्ज मुकदमे में आरोप है कि शनिवार शाम करीब साढ़े सात बजे पूर्व चेयरमैन संदीप मेहरोत्रा के नेतृत्व में नगर अध्यक्ष बरतरिया और करीब 30 कार्यकर्ता दो बड़ी स्क्रीन वाली टीवी से साउंड सिस्टम लगाकर पार्टी नेताओं का भाषण सुना रहे थे।
यहां मौजूद लोगों को मुफ्त में चाय पिलाई जा रही थी। कार्यक्रम के लिए अनुमति भी नहीं ली गई थी। एसएसआई के मुताबिक, पुलिस टीम के मौके पर पहुंचने पर 10 मिनट के लिए कार्यक्रम बंद कर दिया गया लेकिन बाद में फिर शुरू कर दिया गया।
निर्वाचन आयोग का रुख सख्त
इसी दौरान 80 से 100 लोगों की भीड़ के कारण मोहम्मदी-शाहजहांपुर रोड पर जाम लग गया और लोगों को परेशानी हुई। इस बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को भेजे पत्र में कहा है कि नमो चाय के नाम पर मतदाताओं को मुफ्त चाय पिलाने की शिकायतें मिल रही हैं।
ऐसे कार्यक्रम की सूचना मिलने पर प्रशासन उसकी वीडियोग्राफी कराए और इसे आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए सख्त कार्रवाई करे। जिलाधिकारी गौरव दयाल आदेश की पुष्टि करते हुए बताया कि आयोग के निर्देश का पालन कराने के लिए निर्वाचन कार्य में लगे सभी अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है।