पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के प्रवक्ता डा. शकील अहमद ने एक तीर से तिहरा निशाना साधते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी सांप्रदायिकता नामक बीमारी के लक्षण भर हैं।
कांग्रेस के अल्पसंख्यक सम्मेलन के सिलसिले में वाराणसी आए अहमद ने कहा कि मर्ज की असली जड़ लालकृष्ण आडवाणी हैं। नीतीश कुमार रोग का लक्षण के आधार पर इलाज कर रहे हैं जबकि कांग्रेस बीमारी का सफाया करना चाहती है।
उन्होंने मोदी को गंभीर चुनौती बताने वाले जयराम रमेश के बयान पर कहा कि मोदी एक सूबे के नेता हैं। गुजरात के बाहर उनका कोई जनाधार नहीं है। कांग्रेस के लिए वह कोई चुनौती नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि कर्नाटक में मोदी के भाषण के बावजूद भाजपा मंगलौर और आसपास की एक भी सीट नहीं जीत पाई। वहां मोदी के करिश्माई असर की हकीकत सामने आ चुकी है।