विश्व की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट पर तिरंगा लहराने वाली प्रथम निशक्त महिला अरुणिमा सिन्हा को बधाई देने का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा।
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर बधाई देते हुए लिखा कि अरुणिमा का साहस और संकल्प प्रेरणा का स्रोत है। सोशल साइट्स के जरिए भी विदेशों के भी सेलिब्रिटी अरुणिमा को बधाई दे रहे हैं।
वहीं बुधवार को डीएम पंकज यादव उसके घर पहुंचे। डीएम ने अरुणिमा की मां को माला पहनाकर सम्मानित किया और मुंह मीठा कराया।
उन्होंने कहा कि यह जनपद के लिए गर्व की बात है कि यहां की लाडली ने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है।
राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त विद्यावती राजभर ने कहा कि महिलाओं को अरुणिमा से सीख लेनी होगी। अरुणिमा ने जो कर दिखाया वह अविश्वसनीय है।
अकबरपुर नगर पालिका परिषद अरुणिमा के सम्मान में आगे आई है। नगर परिषद ने उसके घर के सामने से जाने वाले मार्ग का नामकरण उसके नाम पर करने का निर्णय लिया है।
मिशन पूरा करने के बाद अरुणिमा एक जून को नई दिल्ली पहुंचेगी। दो दिन तक दिल्ली में रहेगी। इसके बाद वह लखनऊ होते हुए तीन जून को अकबरपुर पहुंचेगी। इस मौके पर उसका भव्य स्वागत किया जाएगा।
कैंप टू तक पहुंची
माउंट एवरेस्ट की चोटी को चूमने वाली अकबरपुर की प्रसिद्ध निशक्त खिलाड़ी अरुणिमा के हौसले बुलंद हैं। वह शारीरिक रूप से स्वस्थ है। अरुणिमा ने बुधवार शाम सेटेलाइट फोन से परिजनों से बातचीत की। अरुणिमा ने बताया कि वह वापस लौटते समय कैंप टू पर पहुंच चुकी है। बृहस्पतिवार की शाम तक वह बेस कैंप पहुंच जाएगी।
विदेशी मीडिया में भी छा गई
एवरेस्ट मिशन के बाद अरुणिमा देश-विदेश की मीडिया में छा गई है। वह दुनिया की पहली निशक्त महिला भी बन गई है, जिसने एवरेस्ट फतह किया है।
यह जानकारी बुधवार को अरुणिमा के रिश्तेदार ओमप्रकाश ने दी। उन्होंने कहा कि एवरेस्ट फतह करने वाली देश की पहली निशक्त महिला तो वह बन ही गई थी, अब यह भी साबित हो गया है कि वह दुनिया की ऐसी पहली महिला है।