अफसरों द्वारा धरना आंदोलन की उपेक्षा से नाराज माले कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को हंसिया और हथौड़े लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। नेताओं ने कहा कि भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी के तत्वावधान में सिटी क्लब में कई दिनों से धरना-प्रदर्शन चल रहा है।
माले कार्यकर्ता अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों की फसल का वाजिब मुआवजा देने और वन निवासियों को भूमि का पट्टा तथा मनरेगा के तहत रोजगार देने की मांग कर रहे हैं। किंतु सरकारी अफसर इस मामले में लगातार उदासीन रवैया अपनाए हुए हैं।
सीपीआई एम राज्य सचिव मंडल सदस्य बीएल भारती ने कहा कि मोदी सरकार का अच्छे दिन का नारा जनता के साथ धोखा है। सरकार गरीबों को रोजगार देने में विफल रही है, आवश्यक वस्तुओं के दाम दिन पर दिन बढ़ रहे हैं।
केंद्र सरकार की मनरेगा योजना भी लोगों को रोजगार देने में विफल साबित हो रही है। अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है। इसके चलते कई किसानों ने आत्महत्या की। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण बिल किसान विरोधी है।
केंद्र सरकार पूंजीपतियों के हित में काम कर रही है। महिला समिति की नेता चिंता देवी ने महिलाओं की समस्याओं पर प्रकाश डाला। मजदूर नेता मिठाई लाल, शिव कुमार, सुरेश प्रसाद ने अवैध कब्जेदारों को हटा कर पट्टेदारों को भूमि देने की मांग की।
सभा को राम निवास, अल्ताफ हुसैन, सियाराम कोल, राजनाथ आदि वक्ताओं ने भी संबोधित किया। इस दौरान मंजू देवी, दुर्गावती, अछैवर, मुसहर, शकुंतला, लोहा, लल्लू, नान्हक, राज कुमार आदि रहे।