मिर्जापुर के लालगंज तहसील परिसर में सोमवार को अधिवक्ताओं ने प्रायश्चित दिवस मनाया। इस अवसर पर अधिवक्ताओं ने कहा कि यह आधुनिक और उन्नत कारी व्यवस्था है। जिसमें अंतरात्मा के आइने में गलत- सही का निर्णय करके अधिवक्ता प्रायश्चित करके तरोताजा होते हैं।
प्रायश्चित दिवस का नेतृत्व करते हुए जगदीश प्रसाद त्रिपाठी उर्फ जगत शास्त्री ने कहा कि ऐसा कृत्य करके लोग भविष्य में गलतियां दोहराने का प्रयास नहीं करेंगे। इससे गलत कार्यों पर तो रोक लगेगी, अंतरात्मा की आवाज से सही कार्य करने के लिए प्रेरित होंगे। उपरौध अधिवक्ता समिति के अध्यक्ष अरुण त्रिपाठी ने कहा कि प्रायश्चित स्वयं में एक विधि है। इस विधि को प्रत्येक नागरिक को अपनाना चाहिए। राजेंद्र सिंह यादव ने कहा कि आकलन भविष्य में होने वाली गलतियों पर रोक लगाने का माध्यम है। प्रायश्चित व्यक्तित्व से सुधार तो होता है और सच्चे चरित्र का निर्माण होता है। विश्वनाथ मिश्रा ने कहा कि प्रायश्चित एक विधान है।