जिगना। थाना क्षेत्र के काशीसरपती गांव निवासी विजय शंकर यादव (32) का शनिवार दोपहर कमरे में फंदे से लटकता शव मिला। सुबह वह कमरे से बाहर नहीं आया तो दोपहर में लाेगों ने रोशनदान से देखा तो वह पंखे पर फंदे से लटका था।
क्षेत्र के काशीसरपती गांव निवासी विजय शंकर यादव ऊर्फ बऊ (32) तीन भाइयों में छोटा था। विजयशंकर की पत्नी डेढ़ महीने से बच्चे शुभम (5) के साथ मायके में थी। बड़े भाई जीत बहादुर ऊर्फ तिवारी ने बताया कि पट्टीदारी में शुक्रवार को तेरहवीं का भोज था। परिवार के सभी सदस्य वहीं पर थे। रात 12 बजे अपने घर आए हैं। सभी लोग अपने कमरे में सोने चले गए। शनिवार सुबह सब अपने अपने काम में लग गए। महिलाएं पट्टीदारी में फिर से बर्तन आदि करने चली गईं। दाेपहर 12 बजे तक जब लोग घर आए और विजय शंकर नहीं दिखा तो दरवाजे के पास जाकर आवाज लगाई। लेकिन कोई जवाब नहीं मिलने पर रोशनदान से देखा तो फंदा लगाकर पंखे से लटका था। पैर के नीचे एक डब्बा रखा था। परिजनों ने घटना की सूचना पुलिस और पत्नी को दी। शाम चार बजे पत्नी के घर आने के बाद दरवाजा खोल कर शव को बाहर निकाला गया। शव बाहर आते ही माता जैना देवी देवी व पत्नी रीमा देवी बेसुध हो गई। विजय शंकर ट्रैक्टर व धान दराई की मशीन रखा है। उसे चलाता था। प्रभारी थानाध्यक्ष आत्माराम यादव ने बताया कि युवक ने फंदे से लटककर जान दी है।