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यूक्रेन के युद्ध क्षेत्र से सकुशल घर लौटी सोनम तो भावुक परिजनों की आंखों से छलके आंसू

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अहरौरा। यूक्रेन शुक्रवार को घर लौटी सोनम सिंह को देख उसके परिजन भावुक हो गए। मां ने लिपटकर सोनम को गले से लगा लिया। पापा की आंखें नम हो गईं। इलाके के लोगों ने भी सोनम सिंह का स्वागत किया।
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नगर क्षेत्र के कटरा गांव निवासी सुरेंद्र कुमार सिंह की बेटी सोनम सिंह मेडिकल की पढ़ाई के लिए यूक्रेन गई थी। चतुर्थ सेमेस्टर की छात्रा है। युद्ध के बाद शहर के हालात बद से बदतर होते गए। यूनिवर्सिटी द्वारा ऑनलाइन शिक्षा का हवाला देकर इन छात्रों को इनके हॉस्टल में ही रोक दिया गया था। सोनम सिंह ने कहा कि चतुर्थ सेमेस्टर के दौरान फाइनल परीक्षा के पूर्व बिगड़े हालात से 3 वर्ष की पढ़ाई और डिग्री बाधित हो गई। कहा कि भारत सरकार की पहल से हम भारतीय छात्रों की जान बची। बताया कि विदेश मंत्रालय तथा दूतावास द्वारा जारी एडवाइजरी का संज्ञान लेकर 8 मार्च को सुमी स्थित यूनिवर्सिटी के नीचे बनाए गए बंकर से निकली तो बस द्वारा पोल्टावा पहुंची। जहां से लिवीव पहुंचने के बाद 14 घंटे तक पोलैंड बॉर्डर पर रुकना पड़ा। इस राहत तथा बचाव कार्य के दौरान तकरीबन अध्ययनरत सात सौ छात्रों का बड़ा समूह निकलने के लिए संघर्ष करता रहा। पोलैंड में इंतजार के बाद शुक्रवार की सुबह फ्लाइट से दिल्ली पहुंची। छात्रों के संघर्ष की चर्चा करते हुए बताया कि यूक्रेन के हालात बद से बदतर हो चुके हैं। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों को नई जिंदगी ही नहीं दी उनके परिजनों को भी जीने की राह दिखाई है। जो हम छात्रों तथा देश के लिए गौरव की बात है। सोनम सिंह ने सकुशल घर वापसी के लिए मोदी सरकार का आभार व्यक्त किया है।
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