सहकारी समितियों पर गेहूं भंडारण का रख रखाव ठीक नहीं
मिर्जापुर। जिले में बरसात अब लगभग बीतने को है, लेकिन 65,000 क्विंटल गेहूं का उठान नहीं हो सका है। जिले की कई समितियों पर गेहूं खुले में रखे हैं। कई जगहों पर भीगे हुए गेहूं को अब सुखाया जा रहा है। जमालपुर के बहुआर स्थित समिति के केंद्र पर भी गेहूं खुले में रखा है। बारिश के कारण उसमें बदबू आने लगी है।
जिले में इस बार 17 मार्च से 15 जून तक गेहूं की खरीद की गई थी। इसके बाद 29 जून तक समय सीमा बढ़ाई गई। कुल 113 क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद की गई थी। गेहूं खरीद का लक्ष्य 5,60,000 क्विंटल निर्धारित किया गया था, जिसमें लगभग 4,70,000 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई। खरीद के बाद नियमानुसार गेहूं को भारतीय खाद्य निगम के गोदाम और अन्य निर्धारित गोदामों में रखवाया जाना था, लेकिन बरसात में गेहूं का उठान नहीं हो सका। वर्तमान में 65,000 क्विंटल गेहूं का उठान नहीं हुआ है। समितियों पर यह समस्या अधिक है। जमालपुर में यह समस्या अधिक है।
डीआरएमओ संजीव कुमार सिंह ने बताया कि अधिकांश जगहों से अब गेहूं का उठान हो रहा है। कुछ ही दिनों में पूरा गेहूं गोदामों तक पहुंचा दिया जाएगा।
इनसेट
5000 क्विंटल गेहूं की हो रही जांच
जमालपुर ब्लॉक के मठना समिति पर पांच हजार क्विंटल गेहूं की अनियमितता का आरोप लगाया गया है। इसका बाजार मूल्य एक करोड़ रुपये बताया जा रहा है। बताया गया कि बुधवार को भी इसकी जांच की गई। हालांकि, इस संबंध में विभाग के अधिकारियों ने कोई टिप्पणी नहीं की।