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Mirzapur News: कबाड़ में फेंक दी गई पानी की गुणवत्ता जांचने की किट

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मिर्जापुर। शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए जहां पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा है, वहीं, पानी की गुणवत्ता की जांच करने वाली मल्टीपैरामीटर फील्ड वाटर टेस्टिंग किट को कबाड़ में फेंक दिया गया है। 87 ग्राम पंचायतों में वितरण के लिए मिली किट सिटी ब्लाक परिसर में कचरे के ढेर में पड़ी हुई हैं। वहीं, अधिकारी इस बारे में गोलमोल जवाब देकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।
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राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन, नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति विभाग की तरफ से गांवों में जल की गुणवत्ता परखने के लिए मल्टीपैरामीटर फील्ड वाटर टेस्टिंग किट का वितरण किया जाना था। विकास खंड की 87 ग्राम पंचायतों के लिए एक साल पहले यह किट आई थीं। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को पेयजल की जांच का प्रशिक्षण देने के बाद गांवों में इनके निशुल्क वितरण की योजना था। इसके बाद न तो इनका वितरण किया गया और न समुचित रखरखाव हुआ। ब्लॉक कार्यालय परिसर में मल्टी पैरामीटर फील्ड वाटर टेस्टिंग किट के बंडल कबाड़ में फेंक दिए गए हैं। बंडल फटने से किट इधर-अधर बिखरी पड़ी हैं। एक किट की कीमत 1,500 से 9,900 रुपये तक बताई जा रही है। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी मुनीश कुमार सिंह ने का कहना है कि किट वितरण की जिम्मेदारी किस संस्था की है और क्यों वितरण नहीं हुआ, इसकी सही जानकारी उनके पास नहीं है। इनको बाहर क्यों फेंका गया है, इसकी जांच कराई जाएगी।
कोट-
जिले के सभी विकास खंडों में पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए पिछले दो-तीन सालों से कई संस्थाएं काम कर रही हैं। सिटी ब्लाॅक की 87 ग्राम पंचायतों में मल्टी पैरामीटर फील्ड वाटर टेस्टिंग किट महिला समूहों को दी जानी थी। ब्लॉक कार्यालय में किट कब रखी गई थीं और इनका वितरण क्यों नहीं हुआ, इसकी जांच कराई जाएगी।
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- राजेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता, जल निगम अभाव शाखा मिर्जापुर।
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