मिर्जापुर। बाढ़ के पानी का घटने क्रम तेज हो गया है। 24 घंटे में 19 सेंटीमीटर जलस्तर कम हो गया है। शुक्रवार शाम चार बजे तक एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पानी कम हो रहा था।शुक्रवार की शाम चार बजे गंगा का जलस्तर 76.42 मीटर दर्ज किया गया। जबकि एक दिन पहले बृहस्पतिवार की शाम गंगा का जलस्तर 76.61 मीटर था। एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बाढ़ का पानी कम हो रहा था। जैसे-जैसे पानी कम हो रहा है वैसे-वैसे बाढ़ क्षेत्र की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। कीचड़ से सने रास्ते ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। जिगना में कर्णावती नदी व छनवर में अब भी पानी भरा है। इस कारण भटेवरा, डेरवा, विजयपुर व अकोढ़ी रेलवे पुल के नीचे पानी भरा है। छनवर व कर्णावती नदी से प्रभावित महड़ौरा, अकोढ़ी, बिरोही, भटेवरा, कठवइया सहित कई गांवों की फसलें पहले ही डूबकर वर्बाद हो चुकी हैं। सीखड़ में गंगा का जलस्तर घटने के साथ ही सीखड़ क्षेत्र में भले ही लोग राहत महसूस कर रहे लेकिन पानी से घिरे मकान के चारों तरफ कीचड़ फैला है।
दोपहर में आधे घंटे के लिए हुई बारिश, उमस से मिली राहत
मिर्जापुर। तेज धूप और छांव के बीच शुक्रवार को दोपहर बाद मौसम का मिजाज बदल गया। जनपद के कई क्षेत्रों में हवा के साथ कुछ देर के लिए हुई बारिश से लोगों को उमस से राहत मिली है। बारिश बंद होते ही एक बार फिर से उमस और गर्मी बढ़ गई। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन की शुरुआत तेज धूप से हुई। इसके बाद जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया धूप-छांव का खेल शुरू हो गया। दोपहर बाद आसमान में बादल छा गए। नगर सहित कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में 10-15 मिनट तक बारिश हुई। जिगना क्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी हुई।