मिर्जापुर। गंगा का रौद्र रूप धीरे-धीरे तटवर्ती इलाकों पर भारी पड़ने लगा है। लगातार बढ़ रहा जलस्तर चेतावनी बिंदु 76.724 मीटर की ओर तेजी से बढ़ रहा है। सोमवार दोपहर दो बजे गंगा का जलस्तर 75.470 मीटर दर्ज किया गया। गंगा कर पानी खेतों और सिवानों में घुसना शुरू कर दिया है।
कोन ब्लॉक के हरसिंगपुर में अंत्येष्टि स्थल बाढ़ के पानी में डूब गया है। विंध्याचल में आरती स्थल जलमग्न हो गया, जबकि दिवानघाट की सीढ़ियां भी पानी में समा गईं। चील्ह में बाढ़ का पानी अब नालों और सिवानों के रास्ते धीरे-धीरे आबादी की ओर बढ़ रहा है। कई स्थानों पर लोग एहतियात के तौर पर सुरक्षित ठिकानों की तलाश करने लगे हैं।
सीखड़ ब्लॉक के भुवालपुर, लालपुर, बिट्ठलपुर, गोरैया, रामगढ़, प्रेमापुर, फुलहा, धनैता, विदापुर, पसियाही और धन्नूपुर के कुल 11 गांवों के खेतों में पानी पहुंच गया है। प्रेमापुर, फुलहा और आसपास के क्षेत्रों में कोहड़ा, तिल्ली, मूंगफली और सब्जियों की फसलें जलमग्न होने लगी हैं। धान, अरहर, उड़द और मूंग की फसल पर भी डूबने की कगार पर पहुंच गई हैं।
बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सीखड़ ब्लॉक में पसियाही, डोमनपुर, खैरा, सीखड़, रामगढ़, मगरहा और मेड़िया में सात बाढ़ चौकियां बनी हैं। यहां अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती कर हालात पर नजर रखी जा रही है।
खेतों तक पहुंचा बाढ़ का पानी, सीखड़ में डूबी सब्जियों के खेत।- संवाद।- फोटो : Archive
खेतों तक पहुंचा बाढ़ का पानी, सीखड़ में डूबी सब्जियों के खेत।- संवाद।- फोटो : Archive
खेतों तक पहुंचा बाढ़ का पानी, सीखड़ में डूबी सब्जियों के खेत।- संवाद।- फोटो : Archive