नक्सल प्रभावित तहसील के एसडीएम कोर्ट से दो सौ संदिग्धों के खिलाफ वारंट जारी किया गया। बड़ी कार्यवाही से जमानत न कराने वालों में अफरा तफरी मची है। विधानसभा क्षेत्र में 68 संवेदनशील व अतिसंवेदनशील बूथ हैं। इसलिए पुलिस फूंक फूंक कर कदम रख रही कि चुनाव में किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।
शासन- प्रशासन द्वारा मुस्तैद होने के कारण शांतिभंग में अब तक ढाई हजार लोगों को पाबंद किया जा चुका है। जिसमें से लगभग एक हजार पाबंदी मुचलका व जमानत पर रिहा हो चुके हैं। नोटिस मिलने के बाद कुछ लोगों ने पुलिस की कार्रवाई को हल्के में लिया और जमानत कराने तहसील नहीं पहुंचे। ऐसे लोगों को चिन्हित कर एसडीएम न्यायालय से जमानती वारंट जारी किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इसके बावजूद लोग जमानत नही कराते हैं तो कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोग दूसरे प्रांतों में मजदूरी करने गए हैं। इसके बावजूद मड़िहान पुलिस उन्हें शांतिभंग में पाबंद कर रही है। माना जा रहा है कि जमानत के लिए मजदूरों को काम छोड़कर तहसील आना पड़ेगा। ऐसी स्थिति में मजदूरों के सामने रोजीरोटी का सवाल खड़ा हो गया है। मड़िहान थाने की पुलिस अब तक ग्राम प्रधान समेत लगभग ढाई हजार लोगों को शांतिभंग में पाबंद कर चुकी है। उपजिलाधिकारी के आदेश की अनुमति मिलने के बाद निरुद्ध किये गए लोगों तक नोटिस भेजी जा रही है। आगामी विधानसभा चुनाव में शांति व्यवस्था के लिएमड़िहान विधानसभा क्षेत्र के लालगंज, कोतवाली देहात, अहरौरा, चुनार, अदलहाट, जमालपुर व मड़िहान थाना से कार्रवाई की जा रही है। एसडीएम सिद्धार्थ यादव ने बताया कि यह कानूनी प्रक्रिया है। उसी के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।